ज्वेलर्स के कारोबार में आई 30 से 40 प्रतिशत की गिरावट
Business News Hindi (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : सोना और चांदी दो ऐसी धातुएं हैं जिनका विशेष स्थान भारतीय संस्कृति में पिछली कई सदियों से रहा है। हर भारतीय परिवार अपने खुशी के मौके पर इन दोनों कीमती धातुओं को आभूषणों के रूप में खरीदते हैं। यही कारण है कि आंकड़े बताते हैं कि जितना स्वर्ण भंडार सरकार के पास है उससे कहीं ज्यादा इसका भंडार लोगों ने अपने घरों में एकत्रित किया हुआ है। लेकिन पिछला कुछ समय इन दोनों धातुओं के दाम में अस्थिरता भरा रहा है।
एक दिन इन दोनों के दाम में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिलती है तो अगले दिन रिकॉर्ड गिरावट। यही कारण है कि आम आदमी इन दोनों धातुओं से कुछ दूरी बनाए हुए है। इन दोनों की कीमतों का प्रभाव असंगठित ज्वैलर्स के कारोबार पर पड़ रहा है। ऊंची कीमतों होने की वजह से स्टॉक की खरीदारी कम हो रही है, हालांकि जरूरत के हिसाब से स्टॉक रखा जाता है, साथ ही सीमित तरलता के कारण कारोबार पर असर पड़ा है। ज्वैलर्स का कहना है कि सोने और चांदी की ऊंची कीमतें और कम मांग होने के कारण उनकी बिक्री में 30 से 40 प्रतिशत तक की गिरावट आई है।
इसलिए आम ग्राहक ने बनाई दूरी
सोने और चांदी की कीमतों में तेजी होने की वजह से मध्यवर्ग ग्राहक खरीदारी से दूर हो गए हैं। यह आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गए हैं। जिसकी वजह से हमने बिक्री में 30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है। कीमती धातुओं के भाव में मौजूदा तेजी के साथ जो अस्थिरता बनी हुई है, यानी हर दिन कीमतों में तेज उछाल या फिर अचानक से गिरावट आने की वजह से कारोबार करना मुश्किल हो गया है। कारोबार में रोलिंग बंद सी हो गई है, जिसकी वजह से नई डिजाइन या फिर वैरिएशन लाना बेहद चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
चांदी से भी लोगों का मोह हुआ भंग
कुछ साल पहले जब सोने के दामों में वृद्धि हुई थी, तब चांदी अपने सामान्य भाव पर चल रही थी। तब ग्राहक चांदी की खरीदारी करते थे, जो उनकी बजट में आती थी और यह सोने के विकल्प के साथ अच्छे निवेश के तौर पर खरीदी जारी रही, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में चांदी की कीमतें तेजी से बढ़ी है। इस कारण से वे लोग जो सोने की जगह चांदी सस्ती होने की वजह से खरीदारी करते थे, वे अब पूरी तरह से दूर हो गए हैं। जिसने हमारी बिक्री पर बुरा असर डाला है।
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