हरियाणा में स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। हरियाणा राज्य चुनाव आयोग ने सात स्थानीय निकायों के आम चुनाव और छह निकायों में उपचुनाव के साथ-साथ पंचायती राज संस्थाओं में रिक्त पदों पर भी उपचुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत राज्यभर में कुल 540 रिक्त पदों पर चुनाव कराए जाएंगे, जिससे ग्रामीण और शहरी स्थानीय शासन व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
राज्य चुनाव आयुक्त देविन्द्र सिंह कल्याण ने बुधवार को मतदाता सूचियों को अंतिम रूप देने का विस्तृत कार्यक्रम जारी किया। आयोग ने संबंधित जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि सभी वार्डों की अंतिम मतदाता सूची 27 मार्च 2026 तक प्रकाशित की जाए। इससे पहले दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित हो सके।
चुनाव कार्यक्रम के तहत अप्रैल के अंत तक तीन नगर निगमों अंबाला, सोनीपत और पंचकूला में आम चुनाव कराए जाएंगे। इसके अलावा रेवाड़ी नगर परिषद और धारूहेड़ा, सांपला तथा उकलाना नगर पालिकाओं में भी आम चुनाव होंगे। इसके साथ ही टोहाना और झज्जर नगर परिषद तथा राजौंद, तरावड़ी, साढौरा और कनीना नगर पालिकाओं में रिक्त पदों के लिए उपचुनाव कराए जाएंगे।
राज्य चुनाव आयोग ने पंचायती राज संस्थाओं में रिक्त पड़े 540 पदों पर उपचुनाव कराने की तैयारी शुरू कर दी है। इनमें जिला परिषद सदस्य के दो पद, पंचायत समिति सदस्यों के 11 पद, सरपंच के 32 पद और पंच के 495 पद शामिल हैं। इन पदों के लिए विभिन्न जिलों में मतदान कराया जाएगा, जिससे स्थानीय प्रशासनिक ढांचे में रिक्त पदों को भरा जा सके।
जिला परिषद के रिक्त पदों की बात करें तो करनाल और पानीपत में एक-एक सीट खाली है। वहीं पंचायत समिति सदस्यों के पद चरखी दादरी, फतेहाबाद, हिसार, पानीपत और रेवाड़ी जिलों में रिक्त हैं। सरपंच पदों के लिए फरीदाबाद, गुरुग्राम, हिसार, कुरुक्षेत्र और रेवाड़ी सहित कई जिलों में चुनाव कराए जाएंगे, जबकि पंच पदों के लिए सोनीपत, सिरसा, कैथल, करनाल, झज्जर, नूंह और अन्य जिलों में बड़ी संख्या में सीटें खाली हैं।
मतदाता सूची प्रक्रिया के तहत गुरुवार से सभी पंचायती राज संस्थाओं के वार्डों में विधानसभा वार मतदाता सूचियों का वितरण शुरू कर दिया जाएगा, जो 28 फरवरी तक जारी रहेगा। इसके बाद दो मार्च को वार्डवार मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी और मतदाताओं को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया जाएगा। दावे और आपत्तियां जमा कराने की अंतिम तिथि 12 मार्च निर्धारित की गई है, जबकि उनका निपटान 16 मार्च तक किया जाएगा। इसके बाद उपायुक्त के समक्ष अपील की प्रक्रिया पूरी कर अंतिम मतदाता सूची 27 मार्च को प्रकाशित कर दी जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन चुनावों से स्थानीय शासन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण तथा शहरी स्तर पर विकास कार्यों को गति मिलेगी। हरियाणा में बड़ी संख्या में रिक्त पदों पर चुनाव होने से स्थानीय प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

