गुरुवार को जिनेवा में होगी दोनों के बीच अगले दौर की वार्ता, अमेरिका दे चुका ईरान पर जल्द बड़ी कार्रवाई की जानकारी
US-Iran Conflict (द भारत ख़बर), तेहरान : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर होने और पिछले की वार्ता बेनतीजा रहने के बाद अब एक फिर ईरान बातचीत के लिए तैयार हो गया है। अब दोनों के बीच गुरुवार को एक बार फिर से जिनेवा में बातचीत होगी। ज्ञात रहे कि इससे पहले 18 फरवरी को ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर जिनेवा में बातचीत हुई थी। मंगलवार को हुई यह मुलाकात परमाणु मुद्दे पर दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की बातचीत थी। जिनेवा में ईरान-अमेरिका की परोक्ष वार्ता 3 घंटे चली, जिसमें कोई नतीजा नहीं निकला।
ओमान के विदेश मंत्री ने की पुष्टि
ओमान के विदेश मंत्री बदर अल-बुसैदी ने रविवार को इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि वार्ता को अंतिम समझौते की दिशा में सकारात्मक पहल माना जा रहा है। ईरान के वरिष्ठ कूटनीतिज्ञ अब्बास अराघची ने भी उम्मीद जताई कि गुरुवार को अमेरिकी प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ से मुलाकात होगी और राजनयिक समाधान की अच्छी संभावना बनी हुई है।
ईरानी यूरेनियम संवर्धन को लेकर विवाद
अमेरिका ईरान के भीतर यूरेनियम संवर्धन को परमाणु हथियारों की दिशा में संभावित कदम मानता है, जबकि ईरान लगातार इससे इनकार करता रहा है और अपने शांतिपूर्ण परमाणु संवर्धन के अधिकार को मान्यता देने की मांग करता है। तेहरान ने जीरो एनरिचमेंट की अमेरिकी मांग को सिरे से खारिज कर दिया है, जो पिछली वातार्ओं में भी सबसे बड़ा विवादास्पद मुद्दा रहा है।
सख्त कार्रवाई करने की बात कह चुके हैं ट्रंप
इस बीच, अमेरिका ईरान के पास अपने सैनिकों की तैनाती बढ़ा रहा है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार ये संकेत दिया है कि वह सीमित सैन्य स्ट्राइक पर विचार कर रहे हैं। कई बार यह जानकारी भी सामने आई है कि अमेरिकी राष्ट्रपति को ईरान के खिलाफ कार्रवाई के विकल्पों के बारे में जानकारी दी जा रही है। अमेरिका और यूरोपीय साथियों ने ईरान के न्यूक्लियर इरादों पर चिंता जताई है।
खामेनेई और उसके बेटे की जान को खतरा
ट्रंप के सामने सैन्य विकल्पों के रूप में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके बेटे मोजतबा खामेनेई की लक्षित हत्या जैसे विकल्प भी प्रस्तुत किए गए हैं। हालांकि, राष्ट्रपति ने फिलहाल ईरान पर हमले के मुद्दे पर फैसला नहीं लिया है। ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार के हवाले से एक्सियोस ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के समक्ष कई परिदृश्यों पर चर्चा की गई। इनमें से एक था-खामेनेई, उनके बेटे मोजतबा व अन्य मुल्लाओं को हमले में मार गिराना। मोजतबा को व्यापक रूप से उनके पिता के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता है। वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने शनिवार को कहा कि अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता के बीच उनका देश विश्व शक्तियों के दबाव के आगे नहीं झुकेगा।
ये भी पढ़ें : PM Modi Israel visit : पीएम मोदी करेंगे इजरायल का दौरा

