हरियाणा में बदला मौसम: हरियाणा में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। प्रदेश में आज एक नए कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से दक्षिणी हरियाणा के कुछ जिलों में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के ताजा विश्लेषण के अनुसार दिनभर आंशिक बादल छाए रह सकते हैं और एक-दो स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी या छिटपुट बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार यह पश्चिमी विक्षोभ ज्यादा सक्रिय नहीं है, इसलिए व्यापक वर्षा की संभावना नहीं है। दक्षिणी जिलों जैसे गुरुग्राम, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और नूंह क्षेत्र में हल्का असर दिखाई दे सकता है, जबकि उत्तरी और पश्चिमी जिलों में मौसम साफ बना रहेगा। इस बदलाव के बावजूद तापमान में किसी बड़ी गिरावट के संकेत नहीं हैं।
रविवार को प्रदेश के सभी जिलों में अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक माना जा रहा है। सबसे अधिक तापमान नूंह (मेवात क्षेत्र) में रिकॉर्ड किया गया, जहां पारा 29.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। फरवरी के महीने में यह तापमान संकेत देता है कि गर्मी समय से पहले दस्तक दे रही है।
प्रदेश में इन दिनों सर्दी लगभग विदाई की ओर है। सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक महसूस की जा रही है, लेकिन दिन के समय तेज धूप के कारण गर्मी का अहसास बढ़ रहा है। न्यूनतम तापमान अभी सामान्य श्रेणी में चल रहा है, जिससे सुबह-शाम हल्की सर्दी बनी हुई है। बीच-बीच में सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ तापमान को थोड़ी देर के लिए नियंत्रित कर देते हैं, लेकिन उनका प्रभाव लंबे समय तक नहीं टिक रहा।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 24 फरवरी से हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली क्षेत्र में तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि किसी बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है। वर्तमान में दिन और रात दोनों के तापमान सामान्य से ऊपर चल रहे हैं और अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रह सकती है। यदि बादल छाए भी रहते हैं तो वह अस्थायी होंगे और धूप दोबारा तापमान बढ़ाने का काम करेगी।
फरवरी के अंतिम सप्ताह और मार्च की शुरुआत में तापमान में अचानक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस दौरान किसी मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के संकेत फिलहाल नहीं हैं। यही कारण है कि प्रदेश में शुष्क और गर्म परिस्थितियां विकसित हो सकती हैं। यदि यही ट्रेंड जारी रहता है तो लोगों को समय से पहले ही गर्मी का एहसास होने लगेगा।
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि शहरी क्षेत्रों में तापमान का असर ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में अधिक महसूस होगा। कंक्रीट संरचनाएं और यातायात की बढ़ती गतिविधियां ‘हीट आइलैंड इफेक्ट’ को बढ़ाती हैं, जिससे शहरों में तापमान कुछ डिग्री अधिक महसूस होता है। आने वाले सप्ताह में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के आसपास या उससे ऊपर पहुंचने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
कृषि क्षेत्र पर भी मौसम के इस बदलाव का असर पड़ सकता है। इस समय गेहूं और सरसों की फसल बढ़वार के महत्वपूर्ण चरण में है। हल्की बूंदाबांदी जहां फसलों के लिए लाभकारी हो सकती है, वहीं लगातार तापमान बढ़ने से फसल की परिपक्वता अवधि प्रभावित हो सकती है। हालांकि फिलहाल मौसम में किसी गंभीर बदलाव या अलर्ट की स्थिति नहीं है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव को लेकर सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। सुबह-शाम की ठंड और दिन की गर्मी के बीच शरीर को संतुलित रखना जरूरी है। तापमान में अचानक बदलाव से सर्दी, खांसी और वायरल संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं। इसलिए मौसम के अनुसार कपड़ों का चयन और पर्याप्त पानी का सेवन जरूरी है।
कुल मिलाकर हरियाणा में मौसम संक्रमण काल से गुजर रहा है। सर्दी अब लगभग समाप्त हो चुकी है और गर्मी धीरे-धीरे अपने पैर पसार रही है। कमजोर पश्चिमी विक्षोभ का असर सीमित रहेगा और व्यापक बारिश की संभावना नहीं है। फरवरी के अंत तक तापमान में बढ़ोतरी के संकेत स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं, जिससे आने वाला मार्च अपेक्षाकृत गर्म रह सकता है।
मौसम विभाग की ओर से फिलहाल किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन तापमान के रुझान पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि कोई नया सिस्टम सक्रिय होता है तो स्थिति में बदलाव संभव है। फिलहाल प्रदेशवासियों को हल्के बादलों और बढ़ती गर्मी के मिश्रित मौसम का सामना करना पड़ेगा।

