कहा, यदि हम हमला न करते तो ईरान हमला कर देता
US-Iran War Update (द भारत ख़बर), वॉशिंगटन : अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर संयुक्त रूप से हमले जारी हैं। इन हमलों के चलते ईरान में अभी तक सैकड़ों लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है। इन मारे गए लोगों में ईरान का सुप्रीम लीड अयातुल्ला अली खामेनेई समेत उनके परिवार के कई सदस्य व कई बड़े सैन्य अधिकारी भी मारे गए हैं।
ईरान पर हमले अभी जारी है और अमेरिका पहले ही घोषणा कर चुका है कि वह लंबी लड़ाई लड़ने को तैयार है। अब एक बार फिर से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हालिया अमेरिकी हमलों का जोरदार बचाव किया है। ट्रंप ने कहा कि इस कार्रवाई से ईरान की मिसाइल क्षमता और एयर डिफेंस सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचा है। उनके अनुसार अब ईरान की ताकत काफी कमजोर हो चुकी है।
इसलिए जरूरी थी यह सैन्य कार्रवाई
ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई जरूरी थी, क्योंकि उन्हें खुफिया जानकारी मिली थी कि तेहरान पहले हमला करने की तैयारी कर रहा था। उनके मुताबिक अगर अमेरिका ने पहले कदम नहीं उठाया होता, तो हालात परमाणु युद्ध तक पहुंच सकते थे। पश्चिम एशिया में तनाव अब पांचवें दिन में प्रवेश कर चुका है।
अमेरिका और इस्राइल की तरफ से 28 फरवरी को किए गए हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई बड़े सैन्य अधिकारी मारे गए। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इस्राइल से जुड़े ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
पिछले 47 साल से फैला रहा था आतंक
व्हाइट हाउस में जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि बातचीत चल रही थी, लेकिन उन्हें लगा कि ईरान अचानक हमला कर सकता है। उन्होंने कहा, ‘अगर हमने अभी जो किया, वह नहीं किया होता, तो वे पहले हमला कर देते।’ ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान एक महीने के अंदर परमाणु हथियार बनाने की स्थिति में पहुंच सकता था। ट्रंप ने ईरान की सरकार को ‘खतरनाक और चरमपंथी विचारधारा वाला’ बताया और कहा कि पिछले 47 वर्षों से वह दुनिया में आतंक फैलाता रहा है। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की भी आलोचना की और कहा कि ओबामा ने ईरान के साथ ‘सबसे खराब समझौता’ किया था, जिसे उन्होंने अपने कार्यकाल में खत्म कर दिया।

