कहा, क्रूड ऑयल 48 प्रतिशत तक महंगा लेकिन नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम
Crude Oil Reserves (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में तनाव का सबसे ज्यादा विश्व की क्रूड ऑयल सप्लाई पर हुआ है। अमेरिका और इजरायल ने जैसे ही ईरान पर हमले शुरू किए तो ईरान ने सबसे पहले ‘स्ट्रेट आॅफ होर्मुज’ को बंद करने की घोषणा कर दी। इसका असर दुनिया भर में सप्लाई होने वाले क्रूड सहित अन्य जरूरी सामान पर पड़ा। ज्ञात रहे कि यह 167 किलोमीटर लंबा समुद्री मार्ग ईरान के समुद्री क्षेत्र से होकर गुजरता है जिसके बदं होने से दुनिया भर की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। हालांकि इसका असर भारत पर भी हुआ है।
सप्लाई बाधित होने के कारण पिछले एक सप्ताह में क्रूड आॅयल की कीमत करीब 48 प्रतिशत बढ़ चुकी है लेकिन केंद्र सरकार ने यह साफ कर दिया है कि फिलहाल भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ेंगे। भारत सरकार ने गत दिवसकहा था कि भारत को कच्चे तेल की कमी नहीं होगी। भारत के पास अभी कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का 25 करोड़ बैरल (लगभग 4,000 करोड़ लीटर) से ज्यादा का स्टॉक है।
भारत के पास करीब दो माह का पर्याप्त र्इंधन
सरकार की रिपोर्ट के अनुसार यह बैकअप इतना है कि अगर सप्लाई पूरी तरह रुक भी जाए तो भी देश की पूरी सप्लाई चेन 7 से 8 हफ्तों तक आसानी से चल सकती है। यानी आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल और दूसरे पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कमी की कोई टेंशन नहीं है। सरकार ने 7 मार्च को साफ किया था कि पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाएंगे।
रूस से कच्चा तेल खरीदेगा भारत
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने भारतीय रिफाइनरियों को 30 दिन का स्पेशल लाइसेंस दिया है। ये लाइसेंस 3 अप्रैल तक वैलिड रहेगा। इससे भारत में कच्चे तेल की कमी की संभावना नहीं है। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का संकट फिलहाल खत्म हो गया है।अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम साढ़े तीन साल के हाई पर पहुंच गए हैं। आज यानी 9 मार्च को ये 25% बढ़कर 116 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। इससे पहले 2022 में रूस-यूक्रेन जंग से कच्चा तेल 100 डॉलर के पार निकला था।
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