सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर जैसे देशों ने अमेरिका को दिया समर्थन
US-Iran War Update News (द भारत ख़बर), तेहरान : अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर संयुक्त रूप से हवाई हमले जारी हैं। ईरान के खिलाफ यह सैन्य कार्रवाई आज 11वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। इन हमलों में एक तरफ जहां ईरान को व्यापक नुकसान हुआ है। वहीं ईरान ने इन हमलों का जवाब भी दिया है। इतना ही नहीं ईरान की सेना अपने कई पड़ोसी देशों को निशाना बना रही है। इनमें से सबसे ज्यादा हमले सऊदी अरब पर किए जा रहे हैं। ईरान के इसी कदम के खिलाफ उसके पड़ोसी देश इस युद्ध में उसके खिलाफ खड़े हो गए हैं और अमेरिका को समर्थन दे रहे हैं। यही कारण है कि ईरान की मुसिबतें लगातार बढ़ रहीं है।
इन देशों ने दिया अमेरिका को समर्थन
इस संबंध में जानकारी देते हुए ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान के हालिया हमलों के कारण उसके कई पड़ोसी देश अब अमेरिका के साथ खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि शुरूआत में ये देश तटस्थ रहना चाहते थे, लेकिन ईरान द्वारा हमले किए जाने के बाद हालात बदल गए। ट्रंप के अनुसार सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर जैसे देशों ने अमेरिका का समर्थन किया है और ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। उनके मुताबिक ईरान की रणनीति उलटी पड़ गई और क्षेत्रीय देशों का झुकाव अमेरिका की ओर बढ़ गया।
मोजतबा खामेनेई अपने पिता की नीतियों को आगे बढ़ाएगा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान में मोजतबा खामेनेई के नए सुप्रीम लीडर बनने पर भी निराशा जताई। ट्रंप ने कहा कि इस फैसले से ईरान की नीतियों में कोई बड़ा बदलाव आने की संभावना नहीं दिखती। उनके अनुसार मोजतबा खामेनेई अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की नीतियों को ही आगे बढ़ा सकते हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह फिलहाल नए ईरानी नेतृत्व को लेकर अपनी रणनीति सार्वजनिक नहीं करना चाहते।
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी और इस्राइली हमलों में ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को बड़ा झटका लगा है। उन्होंने कहा कि ईरान के कई ड्रोन निर्माण केंद्रों को निशाना बनाया गया है। ट्रंप के अनुसार ईरान की मिसाइल क्षमता अब लगभग दस प्रतिशत तक सिमट गई है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अब तक हजारों सैन्य ठिकानों को निशाना बना चुका है।
ये भी पढ़ें : West Asia Crisis : होर्मुज जलडमरूमध्य जल्द खोला जाएगा : ट्रंप

