- रिफाइनरियों को प्रमुख प्रवाहों को मोड़ने का आदेश
West Asia Tension, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते ईंधन आपूर्ति की किल्लत को देखते हुए भारत सरकार ने मंगलवार को घरेलू कुकिंग गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ (ESMA) लागू कर दिया है। इसके तहत रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को निर्देश दिया गया है कि वे लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) का उत्पादन अधिकतम करें और प्रमुख हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम को एलजीपी पूल की ओर मोड़ें।
विशेष क्षेत्रों को माना जाएगा ‘प्राथमिकता आवंटन’
केंद्र सरकार के निर्देश के अनुसार, कुछ विशेष क्षेत्रों को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को ‘प्राथमिकता आवंटन’ माना जाएगा। इन क्षेत्रों को गैस की आपूर्ति, परिचालन उपलब्धता के अधीन, उनके पिछले छह महीनों की औसत गैस खपत के 100 प्रतिशत स्तर पर बनाए रखी जाएगी। इन क्षेत्रों में शामिल हैं: घरेलू पाइप वाली प्राकृतिक गैस की आपूर्ति; परिवहन के लिए कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी), एलपीजी उत्पादन (जिसमें एलपीजी संकुचन की आवश्यकताएं भी शामिल हैं), पाइपलाइन कंप्रेसर ईंधन और पाइपलाइन के संचालन से जुड़ी अन्य आवश्यक आवश्यकताएं।
उर्वरक संयंत्रों को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति…
निर्देश में यह भी कहा गया है कि उर्वरक संयंत्रों को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति, परिचालन उपलब्धता के अधीन, उनके पिछले छह महीनों की औसत गैस खपत के 70 प्रतिशत स्तर पर सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, गैस विपणन संस्थाओं को यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है कि राष्ट्रीय गैस ग्रिड के माध्यम से चाय उद्योगों, विनिर्माण इकाइयों और अन्य औद्योगिक उपभोक्ताओं को की जाने वाली गैस की आपूर्ति, परिचालन उपलब्धता के अधीन, उनके पिछले छह महीनों की औसत गैस खपत के 80 प्रतिशत स्तर पर बनाए रखी जाए।
‘सिटी गैस वितरण’ संस्थाएं
सभी ‘सिटी गैस वितरण’ (सीजीडी) संस्थाओं को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि उनके नेटवर्क के माध्यम से आपूर्ति प्राप्त करने वाले औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को, परिचालन उपलब्धता के अधीन, उनके पिछले छह माह की औसत गैस खपत का 80 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त हो। तेल रिफाइनिंग कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे एलएनजी आपूर्ति में आई बाधा के प्रभाव को, जहां तक संभव हो, स्वयं वहन करें। इसके लिए उन्हें रिफाइनरियों को होने वाले गैस आवंटन को, परिचालन व्यवहार्यता के अधीन, पिछले 6 माह की औसत गैस खपत के लगभग 65 फीसदी तक कम करने का निर्देश दिया गया है।
एलपीजी का उत्पादन बढ़ाने के निर्देश
प्राकृतिक गैस (जिसमें एलएनजी और री-गैसीफाइड एलएनजी भी शामिल है) के प्रत्येक उत्पादक, आयातक, ट्रांसपोर्टर, विपणनकर्ता या वितरक को निर्देश दिया गया है कि वे उत्पादन, आयात, स्टॉक, आवंटन, आपूर्ति और खपत से संबंधित जानकारी केंद्र सरकार या उसके द्वारा अधिकृत किसी अधिकारी को उपलब्ध कराएं। इस बीच, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) का उत्पादन बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही, यह भी निर्देश दिया गया है कि इस अतिरिक्त उत्पादन का उपयोग विशेष रूप से घरेलू खपत के लिए ही किया जाए।
25 दिन की ‘इंटर-बुकिंग अवधि’ शुरू
पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक तेल और ऊर्जा बाजार में जारी अनिश्चितता के बीच, सरकार ने नागरिकों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए घरों में घरेलू एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा, ईंधन आपूर्ति में मौजूदा भू-राजनीतिक बाधाओं और एलपीजी की आपूर्ति पर लगी पाबंदियों को देखते हुए, मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को ज्यादा एलपीजी उत्पादन करने और उस अतिरिक्त उत्पादन का इस्तेमाल घरेलू एलपीजी के लिए करने के आदेश जारी किए हैं। मौजूदा आपूर्ति स्थिति को संभालने के लिए, मंत्रालय ने उपभोक्ताओं के लिए 25 दिन की ‘इंटर-बुकिंग अवधि’ शुरू की है, ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोका जा सके।

