
चीन समेत पड़ोसी देशों के लिए एफडीआई नियमों में ढील की भी खबर
Cabinet Decisions, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने 8.8 लाख करोड़ रुपए के अहम फैसलों को भी मंजूरी दी है। इन फैसलों में रेलवे, हाईवे, एविएशन और ग्रामीण जल आपूर्ति जैसे प्रमुख सेक्टर्स शामिल हैं, जो अर्थव्यवस्था को गति देने में अहम भूमिका निभाएंगे।
इसके अलावा सरकार ने चीन सहित जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश से जुड़े नियमों में भी ढील दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को बताया कि स्ट्रैटेजिक इंफ्रास्ट्रक्चर एंड कनेक्टिविटी इन्वेस्टमेंट एजेंडा 2024 के तहत इन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
जल जीवन मिशन के विस्तार पर खर्च होंगे 8.7 लाख करोड़
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कैबिनेट ने जल जीवन मिशन को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। उन्होंने बताया कि फंड का सबसे बड़ा हिस्सा बुनियादी जरूरतों और ग्रामीण विकास पर केंद्रित है। सरकार ने जल जीवन मिशन के विस्तार के लिए 8.7 लाख करोड़ रुपए के भारी-भरकम बजट को मंजूरी दी है।
इन क्षेत्र के लिए अहम फैसले लिए गए
- एविएशन सेक्टर: एक प्रमुख नीतिगत फैसले के तहत मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट (अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा) घोषित किया गया है।
रोड नेटवर्क: जेवर एयरपोर्ट और फरीदाबाद सेक्शन को जोड़ने वाले एलिवेटेड रोड के निर्माण के लिए 3,631 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा, बदनावर-थांदला-टिमरवानी (एनएच 752 डी) राजमार्ग को 4-लेन बनाने के लिए 3,839 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। - रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर: रेल यातायात की भीड़ कम करने और माल ढुलाई को तेज करने के लिए संतरागाछी-खड़गपुर के बीच चौथी लाइन बिछाने के लिए 2,905 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसी तरह सैंथिया-पाकुड़ के बीच चौथी रेलवे लाइन के लिए 1,569 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
विदेशी निवेश के लिए नियमों में ढील
सूत्रों के अनुसार, सरकार ने मंगलवार को चीन सहित उन सभी देशों से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए नियमों में ढील दी है, जो भारत के साथ भूमि सीमा साझा करते हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रेस नोट 3 आॅफ 2020 में संशोधन किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। हालांकि, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों पर मीडिया ब्रीफिंग के दौरान इस संबंध में कोई घोषणा नहीं की।
भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देश
प्रेस नोट 3 के तहत, भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देशों के शेयरधारकों वाली विदेशी कंपनियों को किसी भी क्षेत्र में निवेश के लिए अनिवार्य सरकारी अनुमोदन प्राप्त करना आवश्यक है। भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देश चीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान, भूटान, नेपाल, म्यांमार और अफगानिस्तान हैं।
कॉरपोरेट सेक्टर को राहत
कैबिनेट ने कॉरपोरेट सेक्टर को राहत देने वाले दो अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों को भी मंजूरी दी है। दिवाला प्रक्रिया को और अधिक सुचारू बनाने के लिए इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) बिल 2025 में संशोधनों को मंजूरी दी गई है। यह बदलाव सेलेक्ट कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर किया गया है। इसके अलावा, कंपनियों के कामकाज को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कॉरपोरेट कानून संशोधन विधेयक को भी हरी झंडी दी गई है।
ये भी पढ़ें: न्यायिक अधिकारियों को दिया जाए सुचारू वातावरण, काम में न आए बाधा
