ईरान का जवाब- ट्रम्प की धमकी से नहीं डरते, हमें मारने के चक्कर में खुद न मर जाएं
Iran Vs Israel US, (द भारत ख़बर), तेल अवीव/तेहरान: अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि मंगलवार को ईरान पर अब तक के सबसे बड़े और सबसे तीव्र हमले किए जाएंगे। हेगसेथ के मुताबिक इस हमले में बड़ी संख्या में फाइटर जेट और बमवर्षक विमान शामिल होंगे। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमताएं कमजोर हो रही हैं और वह बुरी तरह हार रहा है। वहीं ईरान ने भी जवाब देते हुए कहा है कि वह धमकियों से डरने वाला नहीं है और जो लोग ईरान को खत्म करने की बात करते हैं, उन्हें अपने अंजाम के बारे में सोच लेना चाहिए।
पहले भी कई ताकतवर लोग ईरान को खत्म करने की कोशिश कर चुके
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने कहा कि ईरानी लोग अमेरिका की धमकियों से नहीं डरते। लारीजानी ने कहा कि पहले भी कई ताकतवर लोग ईरान को खत्म करने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन वे सफल नहीं हुए। लारीजानी ने ट्रम्प को चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग ईरान को मिटाने की बात कर रहे हैं, उन्हें सावधान रहना चाहिए, कहीं ऐसा न हो कि ईरान को मारने के चक्कर में वे खुद ही खत्म हो जाएं।
ईरान के 50 से ज्यादा नौसैनिक जहाज तबाह किए
अमेरिका ने दावा किया है कि ईरान के साथ जारी जंग के पहले दस दिनों में उसके 50 से अधिक नौसैनिक जहाज नष्ट कर दिए गए हैं। वाशिंगटन में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान अमेरिकी वायुसेना के जनरल डैन केन ने कहा कि अमेरिकी सेना ईरान के उन जहाजों को निशाना बना रही है जो समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने में लगे थे। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान जवाबी कार्रवाई कर रहा है, लेकिन वह उतनी बड़ी चुनौती साबित नहीं हुआ जितना पहले अनुमान लगाया गया था।
ईरान शर्तें माने तो बातचीत संभव: ट्रम्प
ट्रम्प ने कहा है कि वह ईरान से बातचीत करने के लिए तैयार हो सकते हैं, लेकिन यह पूरी तरह बातचीत की शर्तों पर निर्भर करेगा। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प से जब तेहरान के साथ वार्ता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्होंने सुना है कि ईरान बातचीत करना चाहता है।
ट्रम्प ने संकेत दिया कि अगर प्रस्ताव और शर्तें अमेरिका के हितों के अनुसार हों तो बातचीत संभव है। हालांकि उन्होंने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई पर भी संदेह जताया और कहा कि उन्हें नहीं लगता कि वह शांति बनाए रख पाएंगे।
एशिया के कई देशों में तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित
ईरान जंग का असर अब एशिया के कई देशों में दिखाई देने लगा है। तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने के कारण कम से कम 9 एशियाई देशों में ऊर्जा संकट गहराने लगा है। हालात ऐसे हैं कि अलग-अलग देशों को ईंधन बचाने और ऊर्जा संकट से निपटने के लिए सख्त कदम उठाने पड़े हैं। थाईलैंड ने सरकारी दफ्तरों में लिफ्ट के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है और कर्मचारियों को सीढ़ियों का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही कर्मचारियों को सूट-टाई जैसे औपचारिक कपड़े पहनने से भी मना किया गया है, ताकि एयर कंडीशनर के इस्तेमाल को कम किया जा सके। दूसरी ओर पाकिस्तान में खर्च कम करने के लिए मंत्रियों की सैलरी और विदेश यात्राओं पर रोक लगा दी गई है, साथ ही सरकारी खर्च और ईंधन उपयोग में कटौती के फैसले लिए गए हैं। बांग्लादेश ने बिजली और ईंधन की खपत कम करने के लिए सोमवार से सभी यूनिवर्सिटीज बंद करने का आदेश दिया है और ईद-उल-फितर की छुट्टियां पहले घोषित कर दी हैं।
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