
राहुल ने संघ पर लगाया नफरत फैलाने और लोगों को बांटने का आरोप
Assembly Election, कोलकाता/गुवाहाटी/चेन्नई/तिरुवनंतपुरम/पुडुचेरी: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज केरल दौरे पर हैं। कोट्टायम में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल ने आरएसएस और भाजपा पर निशाना साधा। राहुल ने कहा, विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम में संशोधन विधेयक लाया जाना है।
जिससे गंभीर बात है, क्योंकि इसके तहत केवल राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ही विदेशी फंड प्राप्त कर सकेगा, जबकि अन्य संगठनों पर रोक लगा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आरएसएस में ऐसी क्या खास बात है कि उनके लिए अलग नियम हैं? वे नफरत फैलाते हैं और लोगों को बांटते हैं। भाजपा इसी तरह काम करती है।
इससे पहले पतनमतिट्टा में राहुल ने कहा था कि नरेंद्र मोदी, डोनाल्ड ट्रम्प के दबाव में हैं। ठीक इसी तरह, नरेंद्र मोदी आपके मुख्यमंत्री को भी अपने इशारों पर नचाते हैं। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने बेल्दा में चुनावी सभा में कहा, भाजपा समाज के सभी वर्गों के बीच झगड़ा भड़का रही है। चुनाव के बाद गैस और कैश देना बंद कर देगी। भाजपा देश लूटना चाहती है।
इस बार मुझ लोगों का समर्थन मिलेगा
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ऐसा कभी नहीं हुआ कि बहरामपुर के लोगों ने मुझ पर भरोसा न किया हो। पिछले लोकसभा चुनावों में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के कारण मुझे उतने वोट नहीं मिले जितने मिलने चाहिए थे। इसलिए मैं हारा। बाद में यहां के लोगों को इसका पछतावा हुआ। इस बार मुझे चुनावों में समर्थन मिलेगा।
केरल की जनता सब जानती है, प्रधानमंत्री कुछ भी कहें, सच सबको पता है
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा, केरल की जनता जमीनी सच्चाई अच्छी तरह जानती। किसी भी बयान से हकीकत नहीं बदलेगी। पूरा केरल जानता है कि असली गठबंधन किसके बीच है। प्रधानमंत्री कुछ भी कहें, सच सबको पता है।
पीएम मोदी ने असम के कार्यकर्ताओं से नमो एप पर बात की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को असम में भाजपा कार्यकर्ताओं से नमो एप के जरिए आॅनलाइन चर्चा की। उन्होंने कहा, असम लंबे समय तक अस्थिरता और हिंसा से जूझता रहा, लेकिन पिछले एक दशक में हालात बदले हैं और राज्य में शांति स्थापित हुई है। केंद्र और राज्य में डबल इंजन सरकार ने शांति बहाली के लिए लगातार प्रयास किए। पूर्वोत्तर में विभिन्न संगठनों के साथ 12 शांति समझौते किए गए, जिनका जमीन पर क्रियान्वयन किया गया।
कांग्रेस के शासनकाल में समझौते सिर्फ कागजों तक सीमित थे
कांग्रेस के शासनकाल में समझौते सिर्फ कागजों तक सीमित रहे और युवाओं को भटकने के लिए छोड़ दिया गया। बोडो मुद्दे पर कांग्रेस ने वादाखिलाफी की। पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं को पुराने दौर की स्थिति के बारे में बताएं और सतर्क करें कि छोटी सी गलती राज्य को फिर पीछे ले जा सकती है।
ये भी पढ़ें: होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी करने वाले ईरानी कमांडर की मौत
