ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष से फोन पर बातचीत के दौरान कही बात
West Asia Crisis (द भारत ख़बर), तेहरान : अमेरिका और इजरायल द्वारा पिछले 33 दिन से किए जा रहे हमलों से न केवल ईरान का काफी ज्यादा नुकसान हुआ है। बल्कि इस युद्ध से खाड़ी देश भी परेशान हैं। वहीं विश्व की आपूर्ति भी बाधित हुई है जिससे कई ऐसे देशों को भी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है जो इस युद्ध में शामिल नहीं हैं। अमेरिका सहित सभी देश इस युद्ध के जल्द खत्म होने की उम्मीद कर रहे हैं।
इसी बीच ईरान की तरफ से युद्ध को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि उनका देश युद्ध खत्म करना चाहता है। लेकिन इसके लिए जरूरी शर्तें पूरी होनी चाहिए, खासकर यह भरोसा कि आगे फिर ऐसा हमला नहीं होगा। उन्होंने यह बात यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा से फोन पर बातचीत में कही।
ईरान को लेकर यह बोले ट्रंप
व्हाइट हाउस के ओवल आॅफिस से दिए बयान में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का ईरान पर सैन्य कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य परमाणु हथियार न बनने देना था। ट्रंप ने कहा कि यह लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। उनके पास अब परमाणु हथियार नहीं हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका का उद्देश्य ईरान में शासन बदलना नहीं था। ट्रंप ने अपने बयान में यह भी कहा कि ईरान में शासन पहले ही बदल चुका है।
युद्ध को लेकर यह बोले इजरायली प्रधानमंत्री
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान के खिलाफ चल रहा अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने साफ कहा कि यह कार्रवाई तब तक जारी रहेगी, जब तक उनके लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते। नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका के साथ मिलकर चलाए जा रहे इस अभियान को एक महीना हो चुका है और इस दौरान उन्होंने आतंक फैलाने वाले तंत्र को काफी कमजोर कर दिया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस अभियान से ईरान की सत्ता हिल गई है और अब वह पहले जैसी मजबूत नहीं रही। नेतन्याहू के मुताबिक हमने इस व्यवस्था को झकझोर दिया है और देर-सवेर यह गिर जाएगी। इस्राइल के प्रधानमंत्री के इस बयान से साफ है कि क्षेत्र में तनाव अभी कम होने वाला नहीं है और आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
हिजबुल्ला के इजरायल पर हमले जारी
लेबनानी संगठन हिजबुल्ला ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने बेरिया बेस पर रॉकेट से हमला किया। संगठन ने कहा कि यह हमला सफद के उत्तर में स्थित बेस को निशाना बनाने के लिए किया गया। हिजबुल्ला ने यह भी बताया कि उसने उत्तर इजरायल में हवाई निगरानी और संचालन प्रबंधन के लिए इस्तेमाल होने वाले मेरॉन बेस को भी निशाना बनाया।
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