गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने किया था बिल पेश
Parliament Budget Session, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: लोकसभा ने बुधवार को आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) बिल, 2026 पास कर दिया है। इस बिल के जरिए अमरावती को आंध्र प्रदेश की एकमात्र और स्थायी राजधानी का कानूनी दर्जा मिलेगा। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने यह बिल पेश किया था। इस पर एक घंटे से ज्यादा बहस हुई, जिसके बाद इसे ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई। इसके अलावा आज लोकसभा से जन विश्वास बिल और राज्यसभा से सीएपीएफ बिल भी पास हो गया।
एफसीआरए बिल वापस लो के नारे लगे
इससे पहले बुधवार को कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने विदेशों से चंदा मिलने वाले विदेशी अंशदान संशोधन बिल को लेकर हंगामा किया। उन्होंने एफसीआरए बिल वापस लो के नारे लगाए। स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों से शांत रहने की अपील की, लेकिन विपक्षी सदस्य अपनी सीटों पर खड़े होकर विरोध करते रहे। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि आज एफसीआरए बिल पर लोकसभा में बहस नहीं होगी। यह बिल विदेशी अंशदान (विनियमन) कानून में संशोधन से जुड़ा है, जिसे 25 मार्च को लोकसभा में पेश किया गया था।
एफसीआरए संशोधन बिल में क्या है?
इसमें विदेशी फंडिंग से जुड़े नियमों को और स्पष्ट और सख्त करने का प्रस्ताव है, ताकि एनजीओ को मिलने वाले विदेशी चंदे में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाई जा सके। बिल में यह भी प्रावधान है कि जिन एनजीओ का पंजीकरण रद्द, सरेंडर या समाप्त हो जाता है, उनकी विदेशी फंडिंग और संपत्तियों के प्रबंधन और निपटान के लिए एक नामित प्राधिकरण बनाया जा सकता है।
जन विश्वास (संशोधन) बिल पास
लोकसभा ने जन विश्वास (संशोधन) बिल, 2026 को पास कर दिया है। इस बिल में छोटे-मोटे और तकनीकी उल्लंघनों पर जेल की सजा हटाकर जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है।
राज्यसभा में सीएपीएफ बिल पास, विपक्ष का वॉकआउट
राज्यसभा ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) सामान्य प्रशासन विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पास कर दिया। इस दौरान विपक्ष ने बिल को संसद की चयन समिति को भेजने की मांग करते हुए सदन से वॉकआउट किया। सरकार का कहना है कि यह बिल सीएपीएफ के सभी बलों के लिए एक समान नियम व्यवस्था बनाएगा, जिससे भर्ती प्रक्रिया बेहतर होगी और सील का मान्य बढ़ेगा।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि यह बिल देश के संघीय ढांचे को मजबूत करेगा और सेवाओं को अधिक व्यवस्थित बनाएगा। वहीं विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे चयन समिति को भेजने की मांग की।
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