
Easter Greetings, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: आज ईसाइयों का पवित्र त्योहार ईस्टर है और इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अन्य मंत्रियों और नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रपति ने कहा, खासकर हमारे ईसाई भाइयों व बहनों ईस्टर की शुभकामनाएं! उन्होंने कहा, यीशु मसीह के पुनरुत्थान का यह पर्व आशा, प्रेम तथा वैश्विक भाईचारे की भावना को बढ़ावा देता है। यीशु मसीह की शिक्षाएं हमें शांति व सामंजस्य की राह पर ले जाएं।
उम्मीद और नएपन का जश्न मनाता है दिन : PM
प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ईस्टर की शुभकामनाएं। यह पवित्र दिन उम्मीद और नएपन का जश्न मनाता है। यह सभी के जीवन में शांति, खुशी और रोशनी लाए। ईसा मसीह की शिक्षाएं सभी को दयालु बनने के लिए प्रेरित करें और समाज में एकता की भावना को मजबूत करें।
पोप लियो ने की ईस्टर विजिल मास की अध्यक्षता
पोप लियो 14वें (Pope Leo XIV) ने ईस्टर के मौके पर सेंट पीटर्स बेसिलिका में ईस्टर विजिल मास की अध्यक्षता करते हुए, श्रद्धालुओं से डर, अविश्वास और मनमुटाव पर काबू पाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, यह बोझ इंसानी दिल पर भारी पड़ते हैं और लोगों तथा देशों को बांट सकते हैं। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे इन बोझों से पंगु न बनें।
देश और दुनिया में मनाया जा रहा त्योहार
ईसाई धर्म के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक ईस्टर, पूरे देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में खुशी और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। चर्चों में यीशु मसीह के पुनरुत्थान की याद में विशेष मास और प्रार्थना सभाएं आयोजित की जा रही हंै। यीशु मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था और तीसरे दिन वे फिर से जीवित हो उठे थे।
ईसाई मनाते हैं लेंट काल
ईसाई हर साल ईस्टर की तैयारी के तौर पर 40 दिन का लेंट (उपवास) काल मनाते हैं। इस साल, लेंट की शुरूआत 18 फरवरी को ‘ऐश वेडनेसडे’ के साथ हुई थी। इस दौरान, श्रद्धालु उपवास, लेंट वॉक, विशेष ध्यान, तीर्थयात्रा और ‘वे आॅफ द क्रॉस’ में भाग लेने जैसी विभिन्न आध्यात्मिक गतिविधियों में शामिल हुए, और उन्होंने यीशु मसीह के कष्टों और बलिदान पर चिंतन किया।
‘होली वीक’ के रूप में मनाया जाता है अंतिम सप्ताह
लेंट के अंतिम सप्ताह को ‘होली वीक’ (पवित्र सप्ताह) के रूप में मनाया जाता है और श्रद्धालुओं के बीच इसका विशेष महत्व है। इसकी शुरूआत पिछले सप्ताह ‘पाम संडे’ के साथ हुई थी, जिसके बाद 2 अप्रैल को ‘मोंडी थर्सडे’ और 3 अप्रैल को ‘गुड फ्राइडे’ मनाया गया; इन दिनों यीशु मसीह को सूली पर चढ़ाए जाने की घटना को याद किया गया।
गुड फ्राइडे के बाद ईस्टर आता है, जो यीशु मसीह के पुनरुत्थान का प्रतीक है और ईसाई धर्म में इसे सबसे महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है।
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