- बेंगलुरु में कई पेड़ गिरे और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए : शिवकुमार
Deadly Storm, (द भारत ख़बर), लखनऊ/बेंगलुरु: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ व राज्य के अन्य जिलों में आंधी-बारिश व तेज तूफान ने 13 लोगों की जान ले ली है और 21 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। वहीं कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में भी बुधवार को तेज आंधी-तूफान व बारिश के बीच अस्पताल की दीवार ढहने से सात लोगों की मौत हो गई और सात लोग घायल हो गए। मृतकों में एक बच्चा भी शामिल है। बिहार के कई जिलों में आंधी-तूफान के बाद पेड़ गिर गए और कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई है।
बेंगलुरु : जान गंवाने वाले बहुत गरीब व रेहड़ी-पटरी वाले
बेंगलुरु स्थित बोरिंग और लेडी कर्जन अस्पताल में भारी बारिश के चलते बुधवार को हादसा हुआ। बताया गया है कि जान गंवाने वाले बहुत गरीब व रेहड़ी-पटरी वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताया है और मुआवजे का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस के मुताबिक तेज बारिश के अलावा तूफानी हवाएं चलीं और ओलावृष्टि भी हुई जिससे इलाके में बड़े पैमाने पर भारी तबाही मची। इसी बीच अस्तपाल की दीवार अचानक ढह गई और उसके पास खड़े लोग मलबे में दब गए। हादसे की सूचना तुरंत पुलिस व प्रशासन को दी गई। इसके बाद बचाव कर्मी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया। स्थानीय लोगों की मदद से मलबे से 7 शव निकाले गए।
मुख्यमंत्री मौके पर पहुंचे, हालात का जायजा लिया
हादसे की जानकारी के बाद मुख्यमंत्री सिद्धरमैया बृहद बेंगलुरु प्राधिकरण (जीबीए) प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। सीएम ने हादसे के लिए जीबीए अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। स्थिति का जायजा लेने के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा, हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई है और सात अन्य लोग घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि दीवार ढहने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जाएगी। मुख्यंत्री ने बताया कि घायलों की हालत स्थिर है। सभी खतरे से बाहर बताए गए हैं।
चिकित्सकों को सभी घायलों का फ्री उपचार करने के निर्देश
सिद्धरमैया ने कहा कि उन्होंने चिकित्सकों को सभी घायलों का फ्री में उपचार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। सिद्धरमैया ने कहा, हम यह जांच करेंगे कि क्या अभियंताओं की गलती के चलते हादसा हुआ। यदि वे दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पीएम मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपए देने की घोषणा की है। सीएम सिद्धरमैया के मुताबिक, परिसर के भीतर निर्माण कार्य चल रहा था और ठेकेदार परिसर की दीवार के सहारे मिट्टी डलवा रहा था।
दबाव के कारण ढह गई होगी दीवार
सीएम ने कहा, डाली गई मिट्टी के दबाव के कारण दीवार ढह गई होगी। सिद्धरमैया ने कहा, प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि यह उस दबाव के कारण गिरा है, इसलिए मैंने अभियंताओं-कार्यकारी इंजीनियर और सहायक कार्यकारी इंजीनियर से पूछा है कि क्या उन्होंने यह जांच की थी कि यह कमजोर हुआ था या नहीं। उपमुख्यमंत्री और बेंगलुरु के प्रभारी मंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, घटना के बारे में जानकर मुझे गहरा दुख हुआ है। ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए थीं। कई पेड़ गिर गए हैं और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मैं अधिकारियों को कमजोर पेड़ों को काटने का निर्देश दूंगा क्योंकि मानसून के दौरान ऐसी त्रासदी दोबारा होने का खतरा है।
बेंगलुरु में दीवार गिरने से हुआ हादसा दुर्भाग्यपूर्ण : मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर लिखा,’कर्नाटक के बेंगलुरु में दीवार गिरने से हुआ यह हादसा दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा, मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए और घायलों को 50000 रुपये दिए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश : सुल्तानपुर में सबसे अधिक 7 मौतें
उत्तर प्रदेश में खराब मौके के चलते आंधी-तूफान के कारण हुई घटनाओं में मारे गए 13 लोगों में से सबसे अधिक 7 मौतें सुल्तानपुर जिले में हुईं। मृतकों में दो बच्चे भी शामिल हैं। यूपी में आंधी-तूफान का सबसे ज्यादा असर कुड़वार, अखंडनगर, बल्दीराय, बंधुआकला और हलियापुर थाना क्षेत्रों समेत सुल्तानपुर जिले में कई जगह देखने को मिला। कई जगह पेड़ व बिजली के खंभे गिरने से जनजीवन बाधित हो गया। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को राज्य आपदा मोचक निधि से सहायता जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाए।
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