
कहा- 47 सालों की ज्यादती, भ्रष्टाचार और मौत का सिलसिला आखिरकार खत्म हो जाएगा
Iran Israel War, तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आज रात ईरान की पूरी सभ्यता खत्म करने की धमकी दे डाली। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर कहा, आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा। ट्रम्प ने दावा किया कि आज रात हम दुनिया के लंबे और जटिल इतिहास के सबसे अहम पल के गवाह बनेंगे। 47 सालों की ज्यादती, भ्रष्टाचार और मौत का सिलसिला आखिरकार खत्म हो जाएगा। ईश्वर ईरान के लोगों की रक्षा करे।
उन्होंने कहा, मैं नहीं चाहता कि ऐसा हो, लेकिन शायद ऐसा ही होगा। हालांकि, अब वहां सत्ता पूरी तरह बदल चुकी है, जहां अलग, ज्यादा समझदार और कम कट्टर सोच वाले लोग मौजूद हैं। कौन जानता है कि शायद कुछ बहुत शानदार और क्रांतिकारी हो सकता हो? ट्रम्प की धमकी पर साउथ अफ्रीका स्थित ईरानी दूतावास ने जवाब दिया है। ईरान ने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों को ईरान की प्राचीन सभ्यता से ऐसा जवाब मिलेगा, जिसे कभी भूल नहीं पाएंगे।
इजराइली एयर फोर्स ने 10 अहम रेल लाइनों और पुलों को निशाना बनाया
वहीं इजराइली एयर फोर्स ने मंगलवार को ईरान में करीब 10 अहम रेल लाइनों और पुलों पर हमला किया है। सबसे बड़ा हमला खार्ग आइलैंड पर हुआ, जहां आॅयल टर्मिनल को निशाना बनाया गया। ईरान का करीब 80 से 90% कच्चा तेल यहीं से एक्सपोर्ट होता है। इसी दौरान कोम और कशान में भी पुलों को निशाना बनाया गया।
काशान के पास यहयाबाद रेलवे पुल पर हमले में 2 लोगों की मौत हो गई और 3 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम ईरान में तबरीज-जंजान हाईवे के पुल पर भी हमला किया गया। द टाइम्स आॅफ इजराइल के मुताबिक, यह हमले इसलिए किए गए ताकि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स अपने हथियार और सैन्य सामान एक जगह से दूसरी जगह न ले जा सके।
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर यूएन में वोटिंग आज
संयुक्त राष्ट्र में होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और जहाजों की आवाजाही को लेकर आज एक प्रस्ताव पर वोटिंग होने वाली है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रस्ताव को पिछले दो हफ्तों में छह बार बदला गया, क्योंकि रूस, चीन और फ्रांस इसके कुछ हिस्सों से सहमत नहीं थे और उसे रोक सकते थे। अब जो नया ड्राफ्ट बनाया गया है, उसमें कहा गया है कि जो देश होर्मुज स्ट्रेट से अपने जहाज चलाते हैं, वे आपस में मिलकर काम करें। जरूरत पड़ने पर वे अपने जहाजों को सुरक्षा भी दे सकते हैं, ताकि रास्ता सुरक्षित बना रहे। साथ ही, यह भी कहा गया है कि कोई भी देश इस समुद्री रास्ते को बंद करने या उसमें रुकावट डालने की कोशिश न करे।
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