कहा, पेंटागन और भारत के वाणिज्य विभाग के बीच हुई अहम वार्ता
India-US Trade Talks (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : भारत और अमेरिका के बीच एक तरफ जहां फरवरी 2025 से द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए वार्ता चल रही है। हालांकि इस वार्ता में अभी तक कई बार बाधा उत्पन्न हो चुकी है। चाहे वह टैरिफ के रूप में हो या फिर दोनों पक्षों का अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े रहने के चलते आई हो। इसी बीच भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने अमेरिका का तीन दिवसीय दौरा किया।
अपने तीन दिवसीय अमेरिकी दौरे के दौरान उन्होंने कई उच्चस्तरीय बैठकें की। इन बैठकों के माध्यम से दोनों देशों ने व्यापार, रक्षा और जरूरी तकनीक के मामले में बातचीत बढ़ाई है।यह बातचीत पेंटागन और भारत के वाणिज्य विभाग के बीच हुई। इसके साथ ही व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक नए डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचने वाली पहल पर भी चर्चा की गई।
विदेश सचिव के दौरे पर यह बोला विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों के पूरे स्पेक्ट्रम की समीक्षा करने और व्यापार, रक्षा, विज्ञान और टेक्नोलॉजी, साथ ही आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक विकास सहित प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने का मौका देता है। भारत और अमेरिका ने हाल के वर्षों में एक व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के तहत सहयोग बढ़ाया है।
इसमें रक्षा, तकनीक और सप्लाई चेन प्रमुख स्तंभों के रूप में उभरे हैं। द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ी है और दोनों पक्ष इसे और बढ़ाने का लक्ष्य बना रहे हैं। नए ट्रेड पोर्टल जैसी पहलों से एक्सपोर्ट को मदद मिलने और आर्थिक एकीकरण को गहरा करने की उम्मीद है।
दौरे के दौरान क्वात्रा भी विदेश सचिव के साथ रहे
भारत के विदेश सचिव मिस्री और अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने मिलकर भारत-अमेरिकी व्यापार फैसिलिटेशन पोर्टल लॉन्च किया। अमेरिका में भारतीय दूतावास ने इसे भारत और अमेरिका के बीच व्यापार की पूरी क्षमता को खोलने की दिशा में एक और कदम बताया। इस पोर्टल का मकसद मिशन 500 का समर्थन करना है, जिसमें एक्सपोर्टर्स के लिए रजिस्ट्रेशन अब खुले हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस पहल का मकसद बाजार तक पहुंच को आसान बनाना और वाणिज्यिक जुड़ाव को गहरा करना है।
ये भी पढ़ें : Indian Railway : विकसित भारत की राह को आसान बनाएगा रेलवे

