Women Reservation Act, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने अगले सप्ताह संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया है और इस दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण कानून) में जरूरी संशोधनों पर चर्चा के साथ ही इस पर निर्णय होने की संभावना है। भाजपा ने इस संभावना के मद्देनजर रविवार को जहां अपने सभी सांसदों के लिए 3 लाइन का व्हिप जारी किया, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी संसदीय दलों के नेताओं को एक लेटर लिखकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण कानून) के संशोधन पर समर्थन की अपील की है।
व्यापक विचार-विमर्श के बाद निकला यह निष्कर्ष
सरकार ने 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है। पीएम मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा के फ्लोर लीडर्स को लिखे पत्र में कहा है कि महिला आरक्षण कानून को अब सच्ची भावना के साथ लागू करने का समय आ गया है, इसलिए सभी दल एकजुट होकर इस ऐतिहासिक संशोधन को पास करने में अपनी सहमति दें। मोदी ने बताया कि व्यापक विचार-विमर्श के बाद यह निष्कर्ष निकला है कि देश में अब नारी शक्ति वंदन अधिनियम को प्रभावी तौर पर लागू करने का वक्त आ गया है।
2029 के चुनावों में महिला आरक्षण लागू करना जरूरी
पीएम मोदी कहा, महिलाओं को अगर आगे बढ़ने का मौका मिलेगा, वह निर्णय लेने की हकदार होंगी और उन्हें अगर नेतृत्व करने का अवसर मिलेगा तभी समाज आगे बढ़ सकता है। पीएम ने महिला आरक्षण कानून को विकसित भारत के लक्ष्य के साथ भी जोड़ा। उन्होंने साफ किया कि भारत के 2029 लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों में महिला आरक्षण को लागू करना बहुत जरूरी है। इससे राजनीति में महिलाओं की भागीदारी और सशक्त होगी। प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक पार्टियों से मिलकर संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने की अपील की है, ताकि महिला आरक्षण कानून को वास्तविक तौर पर लागू किया जा सके।
816 तक पहुंच सकती है लोकसभा सीटों की संख्या
मौजूदा प्रावधानों में लोकसभा व विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण का लक्ष्य है। इसके लागू होने से लोकसभा सीटें 816 हो सकती हैं। इसमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व होंगी। हालांकि, महिलाओं का कोटा 2027 की जनगणना के आधार पर परिसीमन अभ्यास पूरा पर ही प्रभावी हो पाता। इसका मतलब, अगर वर्तमान कानून जैसा है वही रहता, तो आरक्षण साल 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता। 2029 के लोकसभा चुनावों से इसे लागू करने के लिए, ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में परिवर्तन की आवश्यकता थी, जिस वजह से सरकार ने कानून में संशोधन पारित करने के मकसद से संसद का विशेष सत्र बुलाया है।
विशेष सत्र के दौरान बीजेपी के किसी मंत्री व सांसद को छुट्टी नहीं
भाजपा द्वारा जारी व्हिप में पार्टी के सभी केंद्रीय मंत्रियों तथा लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को संसद के विशेष सत्र के दौरान तीनों दिन संसद में मौजूद रहना होगा। पार्टी की ओर से कहा गया है कि किसी को 16 से 18 अप्रैल के बीच छुट्टी नहीं मिलेगी। सभी बताई तारीखों का सख्ती से पालन करें और बिना किसी रुकावट संसद में मौजूद रहें।
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