BRICS Summit, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के बीच नई दिल्ली में विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान शुक्रवार को एक द्विपक्षीय बैठक हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे पहले गुरुवार को क्षेत्रीय स्थिरता और बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात की थी।
ईरान दूतावास ने दी जानकारी
मोदी और अराघची के बीच हुई उच्च-स्तरीय वार्ता दो सभ्यताओं वाले साझेदारों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के सफर में एक अहम मोड़ साबित हुई। भारत में ईरान दूतावास के आधिकारिक हैंडल पर इस कूटनीतिक उपलब्धि को साझा किया गया। बताया गया कि इस्लामिक रिपब्लिक आॅफ ईरान के विदेश अराघची ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
अमेरिकी दादागिरी के खिलाफ एकजुटता का आह्वान
ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक अराघची ने देशों से अमेरिकी दादागिरी के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया और तर्क दिया कि ऐसी प्रथाओं को इतिहास के कूड़ेदान में फेंक दिया जाना चाहिए। सभा को संबोधित करते हुए, अराघची ने कहा कि वहां मौजूद कई देश उसी घृणित दबाव के थोड़े-बहुत अलग रूपों से परिचित हैं। उन्होंने ब्रिक्स देशों से सामूहिक रूप से और अधिक दृढ़ता से जवाब देने का आग्रह किया।
अमेरिका के खिलाफ हमारा प्रतिरोध अनजान लड़ाई नहीं : अराघची
ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने कहा, इस कमरे में मौजूद लगभग हर व्यक्ति के लिए, अमेरिकी दादागिरी के खिलाफ हमारा प्रतिरोध कोई अनजान लड़ाई नहीं है। उन्होंने कहा, हममें से बहुत से लोग उसी घृणित दबाव के थोड़े-बहुत अलग रूपों का सामना करते हैं। अब समय आ गया है कि हम मिलकर आगे बढ़ें और यह स्पष्ट करने की दिशा में काम करें कि ऐसी प्रथाओं की जगह इतिहास के कूड़ेदान में है।
अराघची ने कहा, आज, हमारे देश एक-दूसरे के पहले से कहीं अधिक करीब हैं और हम उस साझा और खतरनाक चुनौती को नजरअंदाज नहीं कर सकते जिसका सामना हम सभी कर रहे हैं। इतिहास ने दिखाया है कि पतन की ओर अग्रसर साम्राज्य अपने अपरिहार्य अंत को रोकने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। एक घायल जानवर अपने पतन के रास्ते पर हताशा में पंजे मारेगा और दहाड़ेगा।
भारत कर रहा ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी
ुईरानी विदेश मंत्री की उक्त टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब कई प्रमुख वैश्विक साझेदार ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए यहां नई दिल्ली में एकत्रित हुए हैं। चूंकि नई दिल्ली 14 और 15 मई को होने वाली दो-दिवसीय मंत्री-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहा है, इसलिए इन अहम हस्तियों की मौजूदगी ब्रिक्स मंच के बढ़ते रणनीतिक महत्व को रेखांकित करती है। यह मंच पश्चिम एशिया में अस्थिर हालात के बीच मध्यस्थता के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के तौर पर उभरा है।
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