Punjab News: पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने पंजाब के छात्रों और अभिभावकों को प्राइवेट किताब विक्रेताओं की मनमानी और किताबों के लिए ज़्यादा पैसे वसूलने से बचाने के लिए एक नई पहल की है। इसके लिए, PSEB ने अपना ई-कॉमर्स पोर्टल ‘पुस्तक पोर्टल’ लॉन्च किया है। ऐसा करने वाला पंजाब देश का पहला शिक्षा बोर्ड बन गया है। इस फ़ैसले से राज्य के 12 लाख से ज़्यादा छात्रों को सीधा फ़ायदा होगा और वे सालाना लगभग 2.15 करोड़ रुपये बचा सकेंगे।
361 टाइटल की लगभग 2.25 करोड़ किताबें छापी जाएंगी
PSEB के चेयरमैन (रिटायर्ड IAS) डॉ. अमरपाल सिंह ने कहा कि अब छात्र, अभिभावक और स्कूल सीधे इस पोर्टल के ज़रिए किताबें ऑनलाइन ऑर्डर कर सकते हैं। पोर्टल से ऑर्डर करने पर किताबों के प्रिंट रेट पर 15% की सीधी छूट मिलेगी। अब प्राइवेट किताब विक्रेता छात्रों से ज़्यादा पैसे नहीं वसूल पाएंगे। स्कूल सिर्फ़ किताबें बांटने में मदद करेंगे, वे बोर्ड द्वारा तय रेट से 1 रुपया भी ज़्यादा नहीं ले सकते। बोर्ड ने पंजाबी, अंग्रेज़ी और हिंदी मीडियम में 361 टेक्स्टबुक टाइटल की लगभग 2.25 करोड़ किताबें छापी हैं।
डिलीवरी के लिए 2 विकल्प
बोर्ड ने छात्रों तक आसानी से किताबें पहुँचाने के लिए दो खास इंतज़ाम किए हैं: पूरे पंजाब में 97 डिलीवरी/पिक-अप सेंटर बनाए गए हैं। अगर आप इन सेंटरों पर जाकर खुद किताबें लेते हैं, तो कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। इसके अलावा, PSEB के ज़िला कार्यालयों से भी सीधे जाकर 15% की छूट पर किताबें ली जा सकती हैं। अगर आप घर पर किताबें मंगवाना चाहते हैं, तो PSEB ने इंडिया पोस्ट के साथ हाथ मिलाया है। इसके तहत “ज्ञान पोस्ट योजना” शुरू की गई है। 5 किलो तक वज़न वाले पार्सल के लिए डिलीवरी चार्ज बहुत कम (कम से कम ₹20 और ज़्यादा से ज़्यादा ₹100) होगा। सरकारी स्कूलों के बच्चों को घबराने या ऑनलाइन ऑर्डर करने की ज़रूरत नहीं है। उन्हें राज्य सरकार की ओर से हमेशा की तरह मुफ़्त किताबें दी जा रही हैं। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सरकारी स्कूलों में किताबें पहले ही पहुँचा दी गई हैं।
