
PM Modi Australia Visit, (द भारत ख़बर), मेलबर्न: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण में इंडोनेशिया से आस्ट्रेलिया पहुंचे हैं और गुरुवार को उन्होंने वहां कई कार्यक्रामों में शिरकत की। पीएम मोदी और उनके आस्ट्रेलियाई समकक्ष अल्बनीज की मौजूदगी में इस बीच भारत और आस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम डील पर भी मुहर लगी। मतलब आॅस्ट्रेलिया द्वारा अब भारत को यूरेनियम सप्लाई करने का रास्ता साफ हो गया है। (PM Modi Australia Visit)
कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए कई समझौते
मोदी और अल्बनीज की मौजूदगी में भारत और ऑस्ट्रेलिया ने और भी कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए कई समझौतों को पक्का किया। इनमें सिविल न्यूक्लियर एनर्जी, समुद्री सुरक्षा और ज़रूरी मिनरल्स जैसे क्षेत्र शामिल हैं। सिविल न्यूक्लियर एनर्जी के तहत यूरेनियम डील पर मुहर लगी है। दोनों नेताओं के बीच हुई व्यापक बातचीत के बाद ये फ़ैसले लिए गए। PM Modi Australia Visit)
यूरेनियम की कमर्शियल सप्लाई होगी आसान
बैठक के बाद, दोनों पक्षों ने रक्षा और सुरक्षा पर भारत-ऑस्ट्रेलिया संयुक्त घोषणा-पत्र, ऊर्जा संबंधों पर संयुक्त बयान और साइबर, अहम टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन में सहयोग के लिए एक रोडमैप जारी किया। सिविल न्यूक्लियर एनर्जी समझौता ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम की कमर्शियल सप्लाई को आसान बनाएगा, जिससे नई दिल्ली के न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स को मदद मिलेगी। मोदी ने अपने बयान में कहा, आज हमने न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम की सप्लाई का रास्ता खुलेगा और हमारे क्लीन एनर्जी लक्ष्यों को नई गति मिलेगी। PM Modi Australia Visit)
अहम मिनरल्स कॉरिडोर पर भी मिलकर काम करेंगे
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, अहम मिनरल्स में हमारा सहयोग हमारी रणनीतिक सुरक्षा और क्लीन एनर्जी की ओर बढ़ने के लिए बहुत ज़रूरी है। इसे ध्यान में रखते हुए, आज हमने साइबर, अहम टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन पर ऑस्ट्रेलिया-भारत साझेदारी शुरू की है। मोदी ने आगे कहा कि दोनों पक्ष अहम मिनरल्स कॉरिडोर पर भी मिलकर काम करेंगे।
दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ रहा
मोदी ने रक्षा संबंधों पर कहा, दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “इंडो-पैसिफिक सिर्फ़ दो महासागरों का मिलन स्थल नहीं है। यह भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे समान सोच वाले लोकतंत्रों की साझा आकांक्षाओं का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा, आज हमने रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण संयुक्त घोषणा जारी की है। भारत-ऑस्ट्रेलिया डिफेंस इनोवेशन कॉरिडोर के ज़रिए हम रक्षा क्षेत्र के स्टार्टअप और उद्योगों को आपस में जोड़ने का काम करेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत-ऑस्ट्रेलिया मैरीटाइम सिक्योरिटी कोलैबोरेशन रोडमैप से इंडो-पैसिफिक में साझा प्रयासों को नई गति मिलेगी और कहा, “हम जहाज निर्माण, जहाज की मरम्मत और रखरखाव के क्षेत्रों में भी मिलकर आगे बढ़ेंगे।
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