Kanwar Yatra Traffic Diversions: सावन के पूरे महीने कांवड़ यात्रा चलती है। सावन के पवित्र महीने में कांवड़िये हरिद्वार से गंगाजल लाकर अलग-अलग शिवालयों में जलाभिभिषेक करते हैं। कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन लगातार तैयारियां में जुटा हुआ है। सावन का पहला सोमवार बीत चुका है और अब अगले सोमवार को लेकर तैयारियां चल रही हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश और दिल्ली प्रशासन ने कई अहम फैसले लिए हैं। प्रशासन के 4 अगस्त से 12 अगस्त तक दिल्ली-हरिद्वार नेशनल हाईवे (NH-34) और गंगा नहर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। वहीं, गाजियाबाद जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के अलावा कॉलेजों में भी 4 अगस्त से 12 अगस्त तक छुट्टी घोषित कर दी गई हैं।
12 अगस्त तक नेशनल हाईवे रहेगा बंद
कांवड़ यात्रा में दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर लाखों शिवभक्तों के गुजरने की संभावना है। इसी को देखते हुए 4 से 12 अगस्त तक सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। इससे पहले 30 जुलाई से भारी वाहनों पर चरणबद्ध प्रतिबंध लागू किया गया था। अधिकारियों ने यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है। इस दौरान हाईवे को सिर्फ कांवड़ यात्रियों के लिए रिजर्व रखा जाएगा।
गाजियाबाद में स्कूल और कॉलेज रहेंगे बंद
गाजियाबाद जिला प्रशासन ने कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सभी सरकारी और निजी स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों को 4 अगस्त से 12 अगस्त तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। हालांकि जिन संस्थानों में पहले से निर्धारित परीक्षाएं हैं, वे प्रशासन के निर्देशों के अनुसार आयोजित की जा सकती हैं। कुछ निजी स्कूलों ने इस अवधि में ऑनलाइन क्लासेस चलाने का भी फैसला लिया है।
मेरठ और बागपत में भी आदेश लागू
कांवड़ यात्रा का असर केवल गाजियाबाद तक सीमित नहीं है। मेरठ और बागपत में भी 12 अगस्त तक स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण यह फैसला छात्रों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया है। दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस ने लोगों से यात्रा से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर देखने की अपील की है। विशेषकर दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर और हरिद्वार की ओर जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है। प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा संपन्न होने तक कई मार्गों पर डायवर्जन और यातायात प्रतिबंध लागू रहेंगे।

