नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग में ऋषभ पंत के लिए समय महज दो साल में ही बदल गया. जिस खिलाड़ी को टूर्नामेंट के इतिहास का सबसे महंगा खिलाड़ी बनने का गौरव मिला उसी को शर्मनाक विदाई मिली. आईपीएल 2027 में यह खिलाड़ी अपनी पुरानी टीम की तरफ से खेलता नजर आने वाला है. इस बार के टूर्नामेंट के खत्म होने के बाद लखनऊ सुपर जायंट्स की कप्तानी छोड़ने वाले पंत की दिल्ली कैपिटल्स में वापसी हो चुकी है. अभ उनको टीम की कप्तानी की जगह पर अपनी बल्लेबाजी को सुधारने की सलाह दी गई है.
आईपीएल के नए सीजन की शुरुआत से पहले ऋषभ पंत के दिल्ली कैपिटल्स में लौटने से कुछ सवाल खड़े हो गए हैं. सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उनको टीम की कप्तानी मिलेगी. इस टीम के लिए पंत पहले कप्तानी कर चुके हैं लेकिन फिलहाल टीम की कमान अक्षर पटेल के हाथों में है. पूर्व भारतीय ओपनर वसीम जाफर ने पंत को सलाह दी है अगर कप्तानी का ऑफर मिलता है फिर भी इसे नहीं स्वीकार करना चाहिए.
वसीम जाफर ने अपने यूट्यूब चैनल पर ऋषभ पंत के दिल्ली में वापसी और उनकी कप्तानी को लेकर बात की. जाफर ने साफ तौर पर कहा कि अगर टीम मैनेजमेंट की तरफ से उनको दिल्ली कैपिटल्स का कप्तान बनने का ऑफर दिया भी जाए तो उनको इसे मना कर देना चाहिए. उनका मानना है कि कप्तानी को बड़ी बात नहीं है. इस समय ऋषभ पंत को सबसे ज्यादा जरूरत रन बनाने की है. उनको अपनी बल्लेबाजी को सबसे पहले रखना चाहिए. अगर वो आईपीएल में रन बनाते हैं तो भारतीय टीम में वापसी करना आरान होगा.
जाफर ने कहा आईपीएल या किसी भी इस तरह की लीग में कप्तानी टीम मालिकों का दबाव फैंस की उम्मीदें और टीम को संभालने की जिम्मेदारी लेकर आता है. इतना ही नहीं पंत एक विकेटकीपर हैं जो उनके ऊपर अतिरिक्त जिम्मेदारी जोड़ता है. मतलब कप्तानी छोड़ने से उनको सिर्फ बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग पर ही ध्यान देना होगा. जो इतना मुश्किल नहीं होने वाला .
ऋषभ पंत को आईपीएल 2025 की नीलामी में 27 करोड़ रुपये की मोटी बोली लगाकर लखनऊ सुपर जायंट्स के मालिक संजीव गोयनका ने अपने साथ जोड़ा था. दो साल तक टीम के लिए खेलने के बाद पंत ने टीम से रिश्ता तोड़ने का फैसला लिया. LSG 2025 में सातवें स्थान पर रही, जबकि 2026 में टीम 10वें स्थान पर रही. दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच हुए ट्रेड में 15 करोड़ रुपये की रकम के साथ पंत की घर वापसी हुई है. स्पिनर कुलदीप यादव को 13.50 करोड़ रुपये की रकम के साथ लखनऊ भेजा गया.

