Jammu-Srinagar Train News: जम्मू और श्रीनगर के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। जम्मू और श्रीनगर के बीच तीसरी वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू करने को मंजूरी मिल गई है। खास बात यह है कि नई ट्रेन शहीद कैप्टन तुषार महाजन उधमपुर होकर चलेगी और उधमपुर में इसका स्टॉपेज होगा। इससे उधमपुर के यात्रियों को जम्मू और कश्मीर घाटी के बीच तेज रेल सेवा का एक और विकल्प मिलेगा। रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव के पत्र के जरिए इस मंजूरी की जानकारी केंद्रीय मंत्री और उधमपुर के सांसद डॉ. जितेंद्र सिंह ने शेयर की है। यह फैसला इसलिए भी अहम है, क्योंकि जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत सेवा को यात्रियों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। अप्रैल 2026 में सेवा को जम्मू तवी तक विस्तार दिया गया था और 20 कोच वाली वंदे भारत शुरू की गई। शुरुआती 10 दिनों में ही दोनों दिशाओं की चार सेवाओं ने करीब 44,727 यात्रियों को सफर कराया था।
उधमपुर में स्टॉपेज का होगा फायदा
अब तक जम्मू और श्रीनगर के बीच चलने वाली वंदे भारत सेवाओं का मुख्य फोकस जम्मू तवी और कश्मीर घाटी के बीच तेज कनेक्टिविटी पर था। नई सेवा में उधमपुर को स्टॉपेज देने का फैसला स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग से भी जुड़ा है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि उधमपुर के लोगों की मांग और उनके अनुरोध के बाद रेलवे मंत्रालय ने तीसरी वंदे भारत में उधमपुर को ठहराव देने पर सहमति जताई है। इसका सीधा फायदा उधमपुर और आसपास के यात्रियों को होगा। उन्हें जम्मू या कटरा जाकर ट्रेन पकड़ने की जरूरत कम होगी और वे सीधे इस ल सेवा से श्रीनगर का सफर कर सकेंगे।
तीसरी वंदे भारत का ट्रेन नंबर आया सामने
रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव के पत्र के अनुसार जम्मू तवी और श्रीनगर के बीच तीसरी वंदे भारत को मंजूरी मिल गई है। नई सेवा के ट्रेन नंबर 26407/26408 होंगे और यह जम्मू तवी से श्रीनगर तथा वापसी में श्रीनगर से जम्मू तवी के बीच चलेगी। हालांकि रेलवे की ओर से नई ट्रेन की सटीक टाइमिंग और संचालन शुरू होने की तारीख की जानकारी अभी अलग से जारी की जानी बाकी है। फिलहाल जम्मू तवी और श्रीनगर के बीच दो वंदे भारत ट्रेनों की चार सेवाएं चल रही हैं। इन सेवाओं को अप्रैल 2026 में जम्मू तवी तक बढ़ाया गया था। इससे पहले ये ट्रेनें श्री माता वैष्णो देवी कटरा और श्रीनगर के बीच चलती थीं। 30 अप्रैल 2026 को रेलवे ने सेवा को जम्मू तवी तक विस्तार दिया। रेलवे के अनुसार यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए इन ट्रेनों को 16 कोच से बढ़ाकर 20 कोच किया गया था।
जम्मू से श्रीनगर का सफर हुआ आसान
उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक यानी USBRL ने जम्मू क्षेत्र और कश्मीर घाटी के बीच रेल संपर्क को पूरी तरह बदल दिया है। 272 किलोमीटर लंबे इस रेल लिंक के पूरा होने से कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से ऑल-वेदर रेल कनेक्टिविटी मिली है। रेलवे के मुताबिक इससे पर्यटन के साथ-साथ किसानों, कारोबारियों और स्थानीय उत्पादों को भी बड़े बाजारों तक पहुंचने में मदद मिल रही है। जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत इसी रेल नेटवर्क का इस्तेमाल करती है और सड़क मार्ग की तुलना में कई यात्रियों के लिए ज्यादा भरोसेमंद विकल्प बन रही है।
सड़क मार्ग पर निर्भरता होगी कम
जम्मू और श्रीनगर के बीच लंबे समय तक लोगों की आवाजाही काफी हद तक जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्भर रही है। पहाड़ी इलाका होने के कारण भूस्खलन, बर्फबारी और खराब मौसम के दौरान हाईवे पर यातायात प्रभावित हो सकता है। रेल कनेक्टिविटी बढ़ने से यात्रियों के पास सड़क के अलावा एक मजबूत विकल्प मौजूद रहेगा। यही वजह है कि जम्मू-कश्मीर में रेल परियोजना को केवल यात्री सुविधा नहीं, बल्कि आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जम्मू और श्रीनगर दोनों ही पर्यटन के बड़े केंद्र हैं। श्री माता वैष्णो देवी मंदिर, कश्मीर घाटी और अन्य पर्यटन स्थलों तक पहुंचने वाले यात्रियों के लिए तेज रेल सेवा काफी उपयोगी है। रेलवे और केंद्र सरकार का कहना है कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से पर्यटन, स्थानीय कारोबार और माल ढुलाई को बढ़ावा मिलेगा।

