फरीदाबाद. हरियाणा के फरीदाबाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने रिश्वतखोरी के आरोप में ईटीओ सुरेंद्र पूनिया और ड्राइवर राम बाबू को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि लखनऊ से स्क्रैप लेकर फरीदाबाद पहुंची कंपनी की गाड़ी को छोड़ने के बदले 10 लाख रुपये की पेनल्टी बताकर चार लाख रुपये में मामला निपटाने का सौदा किया गया था. शिकायत के आधार पर एसीबी ने ट्रैप लगाकर ड्राइवर को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया.
शिकायतकर्ता अशोक दिल्ली की एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में नौकरी करता है. उसकी जिम्मेदारी कंपनी की गाड़ियों की देखभाल और उनके रूट पास करवाने की है. शिकायत के मुताबिक, 10 अगस्त को ईटीओ सुरेंद्र पूनिया ने लखनऊ से स्क्रैप लेकर आ रही कंपनी की एक गाड़ी को फरीदाबाद में पकड़ लिया.
शिकायतकर्ता अशोक का आरोप है कि उसी रात उसकी ईटीओ से मुलाकात हुई. इस दौरान अधिकारी ने गाड़ी पर करीब 10 लाख रुपये की पेनल्टी बनने की बात कही और चार लाख रुपये में गाड़ी छोड़ने का सौदा किया.
पीजी में हुई मुलाकात, चार लाख देने की बात
शिकायत के अनुसार, 14 अगस्त को सेक्टर-11 स्थित एक PG में शिकायतकर्ता और ईटीओ की मुलाकात हुई. आरोप है कि अधिकारी ने दो लाख रुपये 15 अगस्त के बाद और बाकी दो लाख रुपये दो-चार दिन बाद देने को कहा. शिकायतकर्ता का आरोप है कि अधिकारी ने भरोसा भी दिया कि रकम देने के बाद कंपनी की गाड़ियां नहीं रोकी जाएंगी. इस दौरान ईटीओ का ड्राइवर राम बाबू भी उसके साथ मौजूद रहता था. शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगने से संबंधित बातचीत की रिकॉर्डिंग भी एसीबी को उपलब्ध कराई. शिकायत की जांच के बाद एसीबी फरीदाबाद की टीम ने ट्रैप की कार्रवाई की. शिकायतकर्ता एक लाख रुपये लेकर आरोपी अधिकारी के कार्यालय पहुंचा. आरोप है कि वहां मौजूद ड्राइवर राम बाबू ने ईटीओ की ओर से एक लाख रुपये की रिश्वत ली. इसी दौरान एसीबी टीम ने राम बाबू को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया और रकम बरामद कर ली.
दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज
एसीबी ने ईटीओ सुरेंद्र पूनिया और उसके ड्राइवर राम बाबू को गिरफ्तार कर लिया है. मामले में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, फरीदाबाद थाना में 25 अगस्त को FIR नंबर 19 दर्ज की गई है. पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है. इंस्पेक्टर बिजेंदर ने बताया कि एसीबी मामले की जांच कर रही है और रिश्वत की पूरी रकम तथा इस प्रकरण में अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
