नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के टाइटल स्पॉन्सर की तलाश जारी है. जानकारी के मुताबिक अब तक किसी से बात नहीं बन पाई है. कुछ दिन पहले इसको लेकर बोर्ड की तरफ से टेंडर निकाला गया था डेडलाइन खत्म होने के दो हफ्ते से ज्यादा समय बाद भी तलाश जारी है. Cricbuzz की रिपोर्ट के मुताबिक बोर्ड कई संभावित कंपनियों के साथ बातचीत कर रहा है.
भारतीय क्रिकेट टीम के मुकाबलों का अगला टाइटल स्पॉन्सर कौन होगा इसको लेकर अटकलें जारी है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक Google Gemini, SBI Life, IDFC First Bank और Spinny से बात की जा रही है. ये सभी अगले स्पॉन्सर होने वाली कंपनी की लिस्ट में शामिल हैं. इसके फैसले में हो रही देरी के पीछे कारण बीसीसीआई के द्वारा स्पॉन्सर टेंडर को लिए गए कदम को माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि इस बार BCCI ने कुछ खास कैटेगरी की कंपनियों को टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिए बोली लगाने से बाहर रखा है. इनमें टायर, पेंट और स्पोर्ट्स अपैरल कंपनियां शामिल हैं. बीसीसीआई ने खास तौर पर तंबाकू, शराब, फैंटेसी गेमिंग और जुए जैसी पारंपरिक नो-गो कैटेगरी को इस टेंडर में शामिल होने पर रोक लगाई हुई है.
BCCI ने जो टेंडर निकाला था उसके मुताबिक बोली लगाने वालों में टायर, ट्यूब और फ्लैप के कारोबार से जुड़ी कंपनियां बोली नहीं लगा सकतीं. इसके अलावा एथलीजर, परफॉर्मेंस वियर, स्पोर्ट्स मर्चेंडाइज और स्पोर्ट्स इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनियों को भी इससे बाहर रखा गया है. गौरतलब है कि पेंट, वॉटरप्रूफिंग और वॉलपेपर कंपनियां भी बोली भारतीय टीम के मुकाबलों के लिए बोली नहीं लगा सकती.
बीसीसीआई ने जो पाबंदी लगाई है इसके पीछे की वजह BCCI के मौजूदा कमर्शियल पार्टनर्स हैं. उनके हितों की रक्षा करने की वजह से ऐसा किया गया है. जैसा कि हम सभी जानते हैं अपोलो टायर्स को बीसीसीआई ने ड्रीम11 की जगह भारतीय क्रिकेट टीम (पुरुष और महिला दोनों) का मुख्य जर्सी स्पॉन्सर बनाया है. मार्च 2028 तक के लिए यह करार किया गया है. यह डील लगभग 579 करोड़ रुपये की बताई गई है. भारतीय टीम की जर्सी पर Apollo Tyres प्रमुख स्पॉन्सर है. Adidas किट स्पॉन्सर और Asian Paints BCCI का एसोसिएट पार्टनर है.

