No-stop toll: अगले साल तक हाईवे पर आपकी यात्रा बिल्कुल नॉनस्टॉप होने वाली है। केंद्र सरकार बैरियर फ्री और पूरी तरह डिजिटल टोल सिस्टम लागू करने जा रही है। फरवरी से मार्च 2027 तक लागू होने वाले नए सिस्टम के तहत वाहनों को टोल टैक्स का भुगतान करने के लिए टोल पॉइंट पर रुकना नहीं पड़ेगा।
गडकरी ने की घोषणा
केंद्राय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा, ”एआई और फ्री-फ्लो टोलिंग सिस्टम की मदद से भारत टोल प्लाजा पर रुकने की प्रक्रिया से आगे बढ़ रहा है। भविष्य का हाइवे स्मार्ट, सुगम और कैशलेस होगा।” टोल फ्री कलेक्शन के लिए, नया सिस्टम में वाहन के नंबर प्लेट से जुड़ी पहचान को फास्टैग से जोड़ दिया जाएगा। फास्टैग के आने से वैसे भी टोल प्लाजा पर वेटिंग टाइम 80-90% तक कम हो चुका है। पहले इसमें करीब 12 मिनट से लेकर 30 मिनट तक का समय लगता था।
📍Mumbai
Addressed the Global Fintech Fest 2026 in Mumbai on India’s Intelligent Highway: Tolling and the Agentic Future of Mobility Finance, highlighting how FASTag, Annual Pass, Barrier-Free Tolling and AI-driven technologies are transforming the way India moves.
The… pic.twitter.com/R54TNgF4Q3
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) September 11, 2026
10 हजार करोड़ बढे़गी कमाई
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में गडकरी ने कहा कि अगले चरण में टोल प्लाजा पर कोई समय नहीं लगेगा। साथ ही, इससे टोल की कमाई सालाना 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा बढ़ जाने की उम्मीद है।
कैसे काम करेगा नया सिस्टम?
प्रस्तावित टोलिंग सिस्टम, टोल प्लाजा पर वाहन की पहचान और उसे ट्रैक करने के लिए फास्टैग और वाहन नंबर प्लेट, दोनों से ही जानकारी इकट्ठा करेगा। मंत्री ने कहा कि इससे टोल कलेक्शन में बढ़ोतरी होगी, क्योंकि टोल पॉइंट पर वाहन टोल टैक्स का भुगतान करने के लिए रुकने के बजाय सीधे निकल सकते हैं।
आसान हो जाएगा पेमेंट सिस्टम
गडकरी ने कहा कि सरकार हाईवे पर टोल टैक्स का पेमेंट आसान, पारदर्शी और सक्षम बनाने के लिए, बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम अपना रही है। फास्टैग को पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में साल 2014 में शुरू किया गया था, जिसके बाद इसे आधिकारिक तौर पर 2016 में लॉन्च किया गया। साल 2021 में इस व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया गया।

