MBBS seats increase: मेडिकल की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने 2026-27 एकेडमिक ईयर के लिए 13,186 अतिरिक्त MBBS सीटों को मंजूरी दी है, जिससे 836 मेडिकल कॉलेजों में सीटों की कुल संख्या 1,40,214 हो गई है।
ज्यादा स्टूडेंट्स को मिलेगा MBBS
NEET UG काउंसलिंग चल रही है, इसलिए अपडेटेड सीटों की संख्या जारी की गई है। सीटों की संख्या बढ़ने का मतलब है कि इस एडमिशन साइकल में ज्यादा स्टूडेंट्स को MBBS सीट मिलने का मौका मिल सकता है, हालांकि सीट का फाइनल अलॉटमेंट काउंसलिंग पर निर्भर करेगा।
प्राइवेट कॉलेजों में बढ़ी सीटों की संख्या
कुल 13,186 नई सीटों में से 10,400 सीटें 391 प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में जोड़ी गई हैं। सरकारी कॉलेजों में 445 कॉलेजों के जरिए 2,786 नई सीटें जोड़ी गई हैं। इससे सरकारी कॉलेजों में कुल सीटों की संख्या 63,971 हो गई है, जबकि प्राइवेट कॉलेजों में अब कुल 76,243 सीटें हैं। कुल मिलाकर, सीटों की संख्या 1,27,028 से लगभग 10.4% बढ़ गई है।
कर्नाटक में सबसे ज्यादा सीटें बढ़ीं
- कर्नाटक में सबसे ज्यादा सीटें बढ़ी हैं। कर्नाटक में 1,650 नई MBBS सीटें जुड़ी हैं। अब यहां 76 मेडिकल कॉलेजों में कुल 15,745 सीटें हो गई हैं।
- कर्नाटक के बाद तमिलनाडु का नंबर है, जहां 1,250 अतिरिक्त सीटें जुड़ी हैं और कुल सीटें 14,299 हो गई हैं। बिहार में 1,240 सीटें जुड़ी हैं और अब यहां कुल 4,660 सीटें हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में 1,200 सीटें जुड़ी हैं, जिससे कुल संख्या 14,400 हो गई है।
- राजस्थान में 1,100 सीटें जुड़ी हैं, उसके बाद तेलंगाना में 1,010 और पश्चिम बंगाल में 975 सीटें जुड़ी हैं। महाराष्ट्र में 550 सीटें जुड़ी हैं, जिससे कुल सीटें 13,249 हो गई हैं।
यहां कम सीटें बढ़ीं
- सीटों में यह बढ़ोतरी 27 राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में हुई है, लेकिन सात राज्यों/केंद्र-शासित प्रदेशों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। ये हैं – दिल्ली, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, और दादरा और नगर हवेली।
- हिमाचल प्रदेश में एक सीट, मणिपुर में 25 सीटें और चंडीगढ़, गोवा, पंजाब और त्रिपुरा में से हर एक में 50 सीटें बढ़ी हैं।
छात्रों पर क्या फर्क पड़ेगा?
इन अतिरिक्त सीटों से 2026-27 में होने वाले एडमिशन के दौरान उपलब्ध सीटों की संख्या बढ़ जाएगी। हालांकि, यह जरूरी नहीं है कि नई मंजूर की गई हर सीट काउंसलिंग के हर राउंड में उपलब्ध होगी। NMC ने काउंसलिंग अधिकारियों को मंजूर किए गए सीट मैट्रिक्स का पालन करने का निर्देश दिया है। अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो उसे मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड के पास भेजा जाना चाहिए। कॉलेजों को मंजूर की गई क्षमता से ज्यादा छात्रों को एडमिशन न देने की चेतावनी भी दी गई है, क्योंकि ऐसा करने पर रेगुलेटरी कार्रवाई हो सकती है।
प्रोविजनल राउंड 2 अलॉटमेंट की प्रक्रिया पहले से ही चल रही है, इसलिए नई सीटों की संख्या इस काउंसलिंग साइकल को उन छात्रों के लिए खास तौर पर अहम बना सकती है जो अभी भी एमबीबीएस सीट का इंतजार कर रहे हैं।

