New e-commerce rules: ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा की जा रही धोखाधड़ी और ग्राहकों की शिकायतों का निपटारा न करने को लेकर केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। उपभोक्ता संरक्षण से जुड़े नए नियम लागू होने जा रहे हैं। इसके तहत ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को जनवरी 2027 से 48 घंटे के अंदर शिकायतों को स्वीकार करना होगा, सर्च रैंकिंग का कारण बताना होगा और यह साबित करना होगा कि ‘50% की छूट’ सिर्फ बढ़ाई गई कीमत नहीं है।
उपभोक्ता संरक्षण के नए नियम
ई-कॉमर्स के नए नियम प्लेटफॉर्म्स को मजबूर करेंगे कि वे ग्राहकों के साथ अपने बर्ताव के लिए जवाब दें, चाहे वे गुमराह करने वाले डिस्काउंट लेबल हों, अस्पष्ट सर्च रैंकिंग हो, छिपे हुए चार्ज हों या फिर ऐसी शिकायतें जो ऑटोमेटेड कस्टमर-केयर सिस्टम में गायब हो जाती हैं। बीते 9 सितंबर को नोटिफाई किए गए कंज्यूमर प्रोटेक्शन (ई-कॉमर्स) अमेंडमेंट रूल्स, 2026, आगामी 1 जनवरी, 2027 से लागू होंगे। इन नियमों के तहत प्लेटफॉर्म ग्राहकों को उनकी दर्ज की गई शिकायत की कॉपी देगा, सर्च रैंकिंग तय करने वाले मुख्य फैक्टर की जानकारी देगा, स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग की साफ पहचान कराएगा और कीमत में कटौती का विज्ञापन देने पर वह सबसे कम कीमत दिखाएगा जिस पर प्रॉडक्ट पिछले 30 दिनों में बेचा गया था।
ये बदलाव क्यों?
उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने बताया कि ये बदलाव इसलिए जरूरी थे क्योंकि मूल कानून बनने के बाद से इस सेक्टर में बहुत ज्यादा बदलाव आए हैं। खरे ने कहा, ”खासकर 2019 में एक्ट बनने और 2020 में नियम लागू होने के बाद से ई-कॉमर्स में बहुत विकास हुआ है। हमें मिलने वाली ज्यादातर शिकायतें ई-कॉमर्स से जुड़ी थीं और तब से इनकी संख्या दोगुनी हो गई है।”
मंत्रालय के आंकड़े इसकी पुष्टि करते हैं। ई-कॉमर्स से जुड़ी शिकायतें 2021 में 224,592 से बढ़कर 2025 में 511,198 हो गईं, यानी चार साल में 127.6% की बढ़ोतरी। इस साल भी इसमें बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। जनवरी से अगस्त के बीच 478,018 शिकायतें दर्ज की गईं, जो पिछले साल की कुल शिकायतों का 93.5% है।
खरे ने कहा कि सरकार चाहती है कि प्लेटफॉर्म ‘बिचौलिये’ (intermediaries) होने का बहाना बनाकर अपनी जिम्मेदारी से न बचें।
अब गायब नहीं होगी शिकायत
एक अहम बदलाव उस प्रक्रिया से जुड़ा है जो उपभोक्ता की शिकायत के बाद होती है। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में 37,864 शिकायतें खराब सर्विस या कस्टमर केयर से जुड़ी थीं। यह ई-कॉमर्स की कुल शिकायतों का 7.4% थीं।
कस्टमर केयर को यह करना होगा
नए नियमों के तहत, ई-कॉमर्स कंपनी के शिकायत अधिकारी को 48 घंटे के अंदर शिकायत मिलने की पुष्टि करनी होगी, शिकायतकर्ता को दर्ज की गई शिकायत की एक कॉपी देनी होगी और एक महीने के अंदर उसका समाधान करना होगा। खरे ने कहा कि यह नियम तब लागू किया गया जब ग्राहकों ने बताया कि उन्होंने प्लेटफॉर्म पर शिकायत करने की कोशिश तो की, लेकिन उन्हें न तो कोई रसीद मिली और न ही अपनी रिपोर्ट का कोई औपचारिक रिकॉर्ड। उन्होंने कहा, ”ऐसी शिकायतें आ रही थीं कि चूंकि सिस्टम पर उनका कंट्रोल होता है, इसलिए वे बस शिकायत को मिटा देते हैं और की गई शिकायत की रसीद भी नहीं देते हैं।”

