नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का आज 13 सितंबर को समापन हो जाएगा. 11 सितंबर को भारत में विदेशी मेहमानों का आना शुरू हुआ था. दो दिवसीय सम्मेलन के आखिरी सेशन में सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख हिस्सा लेंगे. हम आपको बता दें कि इस सम्मेलन के आखिरी दिन का विषय नवाचार, सहयोग और सततता: समावेशी वैश्विक विकास के लिए भविष्य को आकार देना (Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability: Shaping the Future for Inclusive Global Growth) रखा गया है. भारत ने इस साल अपनी BRICS अध्यक्षता के लिए नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) को थीम बनाया है.
इस शिखर सम्मेलन के आखिरी दिन वैश्विक विकास, सहयोग और भविष्य की चुनौतियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है. भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में आर्थिक विकास के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर स्थिरता, आपूर्ति सीरीज, ऊर्जा सुरक्षा और सहयोग जैसे मुद्दे प्रमुख रहे हैं.
मतभेदों के बीच बनी सहमति
12 सितंबर, शनिवार जो सम्मेलन का पहला दिन था इसमें BRICS नेताओं ने काफी चर्चा की. कुछ बातों पर हुई चर्चा मतभेदों के बाद संयुक्त घोषणा पत्र को सर्वसम्मति से मंजूरी दी. पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को लेकर हुई चर्चा में संयुक्त अरब अमीरात और ईरान के बीच मतभेदों देखने को मिला. इसके बावजूद सदस्य देश घोषणा पर सहमति बनाने में सफल रहे. यहां ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष पर कोई चर्चा नहीं देखने को मिली.
नई दिल्ली घोषणा में ईरान पर अमेरिका के हमलों का कोई सीधा उल्लेख नहीं किया गया. हालांकि, BRICS नेताओं ने संघर्ष समाप्त करने के लिए ‘संवाद और कूटनीति’ के जरिए समाधान तलाशने की जरूरत पर जोर दिया. साथ ही वैश्विक व्यापार, आपूर्ति श्रृंखलाओं और ऊर्जा के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई गई.

