School-Bank Holidays, 14 Sep 2026: देशभर में 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाएगा। इस त्योहार पर किसी राज्य के सरकारी संस्थानों या स्कूलों में छुट्टी मिलती है, तो किसी राज्य में नहीं। दरअसल, देशभर में स्कूलों की छुट्टी मुख्य रूप से क्षेत्रीय त्योहारों और मौसम की स्थितियों पर निर्भर करती है। महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी और पश्चिमी राज्यों में गणेश चतुर्थी (विनायक चतुर्थी) के लिए अनिवार्य सार्वजनिक छुट्टियों के कारण स्कूल बंद रहते हैं।
दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में आंशिक या सीमित छुट्टियां होती हैं और यह फैसला अलग-अलग स्कूल मैनेजमेंट पर छोड़ा जाता है। इसके अलावा, देशभर के बारिश से प्रभावित जिलों में भी स्थानीय स्तर पर स्कूल बंद रहते हैं, जहां खराब मौसम की चेतावनी के कारण स्थानीय अधिकारी सुरक्षा से जुड़े निर्देश जारी करते हैं। छात्रों और अभिभावकों को खास जानकारी के लिए स्थानीय घोषणाएं देखनी चाहिए।
बैंक खुले रहेंगे या बंद?
कल सोमवार 14 सितंबर को बैंक गणेश चतुर्थी के कारण बंद रहेंगे। बैंक बेलापुर, महाराष्ट्र, कर्नाटक,ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, गोवा, तेलांगना जैसे राज्यों में बंद रहने वाले हैं। यहां सभी सरकारी और प्राइवेट सेक्टर बैंक जैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा, एक्सिस, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई जैसे तमाम बैंकों की ब्रांच नहीं खुलेंगी। बैंक गणेश चतुर्थी, गणेश पूजा, वरसिद्धि विनायक व्रत, विनायकर चतुर्थी और हरतालिका तीज के कारण बंद होंगे। इनके अलावा देश के बाकि सभी राज्यों में बैंक खुले रहेंगे।
दिल्ली-NCR
दिल्ली-NCR में गणेश चतुर्थी पर राज्य में अनिवार्य रूप से सब कुछ बंद नहीं रहता, बल्कि यह एक ‘सीमित’ या वैकल्पिक छुट्टी होती है। ज्यादातर रेगुलर स्कूल खुले रहते हैं, ताकि उनका सिलेबस पीछे न छूटे। यह तय करना अलग-अलग प्राइवेट स्कूल बोर्ड पर निर्भर करता है कि वे अपने छात्रों को छुट्टी देना चाहते हैं या नहीं।
हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब
हिमाचल प्रदेश में 14 सितंबर, 2026 को पूरे राज्य में स्कूलों की अनिवार्य छुट्टी होने की उम्मीद नहीं है। 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी है, लेकिन हिमाचल प्रदेश सरकार के कैलेंडर में इसे अनिवार्य सार्वजनिक अवकाश के बजाय वैकल्पिक अवकाश माना गया है। इसलिए, स्कूल बंद रहेंगे या नहीं, यह संबंधित स्कूल के अवकाश कैलेंडर और स्थानीय प्रशासन पर निर्भर कर सकता है। स्कूल का शेड्यूल बोर्ड और संस्थान के हिसाब से भी अलग-अलग हो सकता है।
उत्तर प्रदेश और बिहार
इस इलाके में कई स्कूल आंशिक रूप से या अपनी मर्जी से बंद रहते हैं, क्योंकि हजारों परिवार त्योहारों पर रीति-रिवाज निभाने के लिए अपने गृहनगर जाते हैं, इसलिए ज्यादातर सरकारी और प्राइवेट स्कूल स्थानीय छुट्टी देते हैं।
बारिश से प्रभावित जिले
मॉनसून की भारी बारिश वाले इलाकों में त्योहारों के बजाय सिर्फ सुरक्षा कारणों से स्कूल बंद किए जाते हैं। भारी बारिश की चेतावनी के दौरान, जिला प्रशासन बच्चों को बाढ़ वाली सड़कों, पानी से भरे स्कूल के मैदानों, उफनती नदियों और खतरनाक भूस्खलन से बचाने के लिए आपातकालीन छुट्टी की घोषणा करता है।
पैरेंट और छात्रों के लिए जरूरी निर्देश
- स्कूल के आधिकारिक WhatsApp/पोर्टल देखें। कई इलाकों में ‘रिस्ट्रिक्टेड हॉलिडे’ (सीमित छुट्टी) अनिवार्य नहीं होती है, इसलिए निजी स्कूलों की अपनी घोषणाएं ही सबसे पक्की जानकारी का स्रोत होती हैं।
- जिला कलेक्टर के अलर्ट पर नजर रखें। मौसम की वजह से स्कूल बंद होने की स्थिति में, आधिकारिक जानकारी आमतौर पर रविवार शाम को जिला प्रशासन के X हैंडल या स्थानीय प्रेस विज्ञप्तियों के जरिए दी जाती है।

