Indian Stock Market Closed Today: गणेश चतुर्थी के अवसर पर 14 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में कारोबार बंद है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के बाजार में नियमित ट्रेडिंग नहीं होगी। ऐसे में घरेलू निवेशकों की नजर वैश्विक बाजारों के रुख और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई है। भारतीय बाजार बंद होने के बीच एशियाई शेयर बाजारों में सोमवार को दबाव देखने को मिला। एमएससीआई का एशिया-प्रशांत सूचकांक जापान को छोड़कर करीब 1.1% नीचे था। जापान का निक्केई करीब 1% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.2% फिसला। चीन के ब्लू-चिप शेयरों में भी कमजोरी रही।
कच्चे तेल ने बढ़ाई बाजार की चिंता
वैश्विक बाजारों के लिए इस समय सबसे बड़ी चिंता कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति में व्यवधान की आशंकाओं के बीच ब्रेंट क्रूड करीब 3% उछलकर 107 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। रॉयटर्स के अनुसार सोमवार को ब्रेंट करीब 107.18 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई करीब 102.62 डॉलर पर कारोबार कर रहा था। तेल की कीमतों में तेजी ऐसे समय आई है जब सऊदी अरब पर नए हमलों और खाड़ी क्षेत्र में जहाजों पर हमलों ने सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ाई है। इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और बाब-अल-मंदेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को लेकर भी बाजार सतर्क है।
अगली ट्रेडिंग में दिख सकता है असर
भारतीय शेयर बाजार आज बंद है, लेकिन वैश्विक बाजारों में हो रही हलचल का असर घरेलू बाजार के दोबारा खुलने पर दिखाई दे सकता है। सोमवार सुबह GIFT Nifty करीब 23,467 के स्तर पर था, यानी इसमें बहुत मामूली तेजी थी। इससे संकेत मिलता है कि छुट्टी के बावजूद घरेलू बाजार के लिए शुरुआती संकेत फिलहाल बहुत कमजोर नहीं हैं। हालांकि कच्चे तेल में तेज उछाल भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार दोनों के लिए चिंता का विषय है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। इसलिए लंबे समय तक ऊंची तेल कीमतें आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव डाल सकती हैं।
अमेरिकी फेड के फैसले पर भी नजर
निवेशकों की नजर इस सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर भी है। अमेरिका में उम्मीद से ज्यादा महंगाई के आंकड़ों के बाद बाजार में ब्याज दर बढ़ने की संभावना मजबूत हुई है। रॉयटर्स के अनुसार बाजार में बुधवार को 25 आधार अंकों की दर वृद्धि की करीब 86% संभावना मानी जा रही थी। अगर अमेरिकी ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो वैश्विक बाजारों में जोखिम वाली परिसंपत्तियों पर दबाव बढ़ सकता है। इसका असर भारतीय बाजार में दिख सकता है।
शुक्रवार को सेंसेक्स-निफ्टी में हुई थी गिरावट
छुट्टी से पहले शुक्रवार के कारोबारी सत्र में भारतीय बाजार कमजोर बंद हुए थे। सेंसेक्स 120.83 अंक गिरकर 74,781.76 पर और निफ्टी 79.70 अंक टूटकर 23,398.10 पर बंद हुआ था। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि बाजार दोबारा खुलने पर वैश्विक संकेत किस दिशा में जाते हैं। खास तौर पर क्रूड ऑयल, अमेरिकी फेड का रुख, पश्चिम एशिया का तनाव और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भारतीय शेयर बाजार की चाल के लिए अहम ट्रिगर रहेंगे।

