अंबाला: मौसम बदलने के साथ ही शरीर को भी अपने खान-पान और दिनचर्या में बदलाव की जरूरत होती है. कई बार लोग मौसम बदलने के बावजूद पहले जैसा ही खाना-पीना जारी रखते हैं, जिसका असर उनकी सेहत पर दिखाई देने लगता है. बता दे कि ऐसे मौसम में पेट से जुड़ी परेशानी, पाचन संबंधी दिक्कत और सर्दी-जुकाम जैसी समस्याएं लोगों को परेशान कर सकती हैं. दरअसल अंबाला नागरिक अस्पताल में भी लोग बदलते मौसम के दौरान अलग-अलग स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों को लेकर डॉक्टरों से सलाह लेने पहुंचते हैं.
आयुर्वेद में ऋतु के अनुसार होता है आहार
वहीं इस बारे में लोकल 18 से बातचीत में अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल के आयुर्वेदिक डॉक्टर जितेंद्र वर्मा ने बताया कि आयुर्वेद में ऋतु के अनुसार दिनचर्या और आहार-विहार का विशेष महत्व बताया गया है. मौसम बदलने के समय शरीर को नई ऋतु के अनुसार ढलने में समय लगता है, इसलिए इस दौरान खान-पान में थोड़ी सावधानी बरतना जरूरी है. उन्होंने बताया कि एक ऋतु के खत्म होने से करीब 15 दिन पहले और दूसरी ऋतु के आने के शुरुआती 15 दिनों में खान-पान को लेकर विशेष सावधानी रखनी चाहिए.डॉ. जितेंद्र वर्मा के अनुसार इस बदलाव के दौरान ज्यादा खटाई, चावल और दही का सेवन कम या बंद करना बेहतर माना जाता है.
गर्म मसाला और काली मिर्च का करें इस्तेमाल
वहीं भोजन में काली मिर्च और गर्म मसालों का उचित मात्रा में इस्तेमाल किया जा सकता है. उनका कहना है कि इन दिनों बाजार में अदरक भी आने लगी है, ऐसे में भोजन में अदरक को शामिल करना उपयोगी हो सकता है. अदरक पाचन क्रिया को बेहतर रखने में मदद करता है और शरीर की अग्नि को बढ़ाने में सहायक माना जाता है. इसी तरह लहसुन को भी इस मौसम में भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है.उन्होंने खास तौर पर दही को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी. डॉक्टर ने बताया कि मौसम के बदलाव के समय दही का सेवन करने से बचना चाहिए और आयुर्वेद के अनुसार दही का सेवन उचित ऋतु में ही करना बेहतर माना जाता है. जब दही खाएं तो इसे दोपहर के समय लेना चाहिए और इसके साथ दाल या सब्जी जैसी चीजें भी भोजन में शामिल होनी चाहिए. खाली दही खाने से बचने की सलाह दी गई है.
मौसम के अनुसार ही सब्जी का इस्तेमाल
वहीं डॉ. वर्मा ने कहा कि सब्जियों का इस्तेमाल भी मौसम के अनुसार करना चाहिए. जिस मौसम में जो सब्जियां प्राकृतिक रूप से बाजार में उपलब्ध हो रही हैं, उन्हें भोजन में शामिल किया जा सकता है. घर में जगह हो तो आंगन या किचन गार्डन में उगाई गई सब्जियों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. बाजार से खरीदी गई सब्जियों को इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह धोना जरूरी है. नमक वाले पानी में कुछ देर रखने या पानी से अच्छी तरह साफ करने के बाद ही सब्जियों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई.बदलते मौसम में डॉक्टर ने ठंडी चीजों का सेवन कम करने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि कई लोग अभी भी आइसक्रीम, ठंडा पानी और ठंडे शेक का सेवन कर रहे हैं, लेकिन मौसम बदलने के दौरान इनसे परेशानी हो सकती है.
ठंढे पेयजल से बचें
उन्होंने बनाना शेक और पपीता शेक जैसे ठंडे पेय से भी फिलहाल बचने की सलाह दी. इसके बजाय गर्म दूध और गुनगुने पानी का सेवन किया जा सकता है. पानी को उबालकर सामान्य या गुनगुना होने पर पीना भी बेहतर विकल्प हो सकता है.डॉक्टर जितेंद्र वर्मा ने बताया कि ड्राई फ्रूट का सेवन भी व्यक्ति की शरीर की तासीर और जरूरत के अनुसार करना चाहिए. बादाम और अखरोट का सेवन किया जा सकता है. बादाम को रात में भिगोकर सुबह या उचित समय पर खाने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा मुनक्का और अंजीर जैसे ड्राई फ्रूट भी भोजन का हिस्सा बनाए जा सकते हैं. उनका कहना है कि मौसम बदलने के समय खान-पान में छोटे बदलाव शरीर को नई ऋतु के अनुसार ढलने में मदद कर सकते हैं.

