UP News: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में विशेष जांच टीम (SIT) ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसकी जांच में पर्याप्त सबूत मिले हैं। टीम ने कोर्ट से कहा कि सीसीटीवी में चोरी के 105 मामले सामने आए हैं और वह जल्द ही आरोप पत्र दाखिल करना चाहती है। SIT की स्टेटस रिपोर्ट को पढ़ने के बाद चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच ने इसकी इजाजत दे दी। 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल होगी।
SIT की जांच से जुड़ी अहम बातें:
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक SIT को राम मंदिर दान राशि में हेराफेरी के 105 मामले मिले।
- SIT के मुताबिक दान की रकम मंदिर के काउंटिंग रूम के अंदर से हटाई या छिपाई गई।
- SIT ने मामले में 8 आरोपियों की पहचान की और संदिग्ध रकम के बैंक खातों और संपत्तियों की जांच की।
- दान में मिली 803 कीमती वस्तुओं के रिकॉर्ड और भौतिक सत्यापन में कोई गड़बड़ी नहीं मिली।
- SIT ने 173 गवाहों के बयान दर्ज किए और CCTV, बैंक रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और फोरेंसिक सबूतों की जांच की।
SIT ने नई स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की
राम मंदिर में श्रद्धालुओं की तरफ से दिए गए दान की चोरी की शिकायतें सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल हुई थीं। कोर्ट ने वरिष्ठ अधिकारियों की SIT से जांच के लिए कहा था। अब SIT ने अपनी नई स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की।
चार्जशीट दाखिल करना जरूरी
विशेष जांच टीम की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पहली गिरफ्तारी को 90 दिन का समय पूरा होने वाला है। ऐसे में कानूनी लिहाज से चार्जशीट दाखिल करना जरूरी है।
आरोप पत्र के लिए पर्याप्त सबूत
SIT ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मामले में आरोप पत्र दाखिल करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। जांच के दौरान कोर्ट के आदेश के मुताबिक, फोरेंसिक ऑडिटर को भी शामिल किया गया। आरोपियों के बैंक अकाउंट और संपत्तियों की जानकारी जुटाई गई।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले में आदेश लिखवाया। इस दौरान SIT की स्टेटस रिपोर्ट के यह हिस्से सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में दर्ज किए हैं।
- सीसीटीवी फुटेज की जांच में सामने आया कि काउंटिंग रूम में चढ़ावे की गणना करते समय आरोपियों ने मुख्य रूप से गबन किया है।
चोरी के 105 मामले सामने आए
सीसीटीवी फुटेज में गलत तरीके से से नकदी हटाने के 105 मामले सामने आए हैं। आरोपियों के खातों में ऐसी रकम पाई गई है, जिसका वे हिसाब नहीं दे सके। TCS सॉफ्टवेयर में मंदिर की 803 कीमती चीजों की रसीद मिली थी। यह सभी 803 चीजें स्टेट बैंक के लॉकर में सुरक्षित पाई गईं। चांदी की ईंट समेत दूसरी मूल्यवान वस्तुओं को लेकर भी कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई।
न्यायिक अधिकारी करेंगे सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया है कि मामले में लगी धाराओं के मद्देनजर इस पर एडिशनल सेशंस जज रैंक के न्यायिक अधिकारी सुनवाई करेंगे। मामले में आगे की जांच का विकल्प अभी खुला रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 4 सप्ताह बाद होगी।

