Uttarakhand Rescue News: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के बाद फंसे ट्रैकर्स को निकालने के लिए चलाए जा रहे राहत एवं बचाव अभियान में बड़ी सफलता मिली है। ऑडेन कोल क्षेत्र में फंसे सभी 29 ट्रैकर्स को हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। रेस्क्यू के बाद सभी को हर्षिल हेलिपैड लाया गया, जहां उनका हेल्थ चेकअप किया गया और फर्स्ट एड दी गई। प्रशासन के मुताबिक सभी ट्रैकर्स की हालत सामान्य है और ट्रीटमेंट के बाद वे अपनी-अपनी डेस्टिनेशन के लिए रवाना हो गए।
ऑडेन कोल में फंसे थे 29 ट्रैकर्स
उत्तरकाशी के हिमालयी क्षेत्र में पिछले दिनों हुई बर्फबारी के कारण कई ट्रैकिंग और पर्वतारोहण दल अलग-अलग स्थानों पर फंस गए थे। प्रशासन के मुताबिक ऑडेन कोल क्षेत्र में मौजूद 29 ट्रैकर्स को मौसम में सुधार के बाद हेलीकॉप्टर से निकालने का अभियान चलाया गया। रेस्क्यू किए गए सभी 29 लोगों को हर्षिल हेलिपैड पहुंचाया गया। यहां मेडिकल टीम ने उनका प्राथमिक उपचार और स्वास्थ्य जांच की। अधिकारियों के अनुसार सभी की स्वास्थ्य स्थिति सामान्य रही और आवश्यक चिकित्सीय सहायता के बाद उन्हें आगे भेज दिया गया।
उत्तरकाशी में 136 ट्रैकर्स प्रभावित
यह रेस्क्यू ऑपरेशन सिर्फ ऑडेन कोल तक सीमित नहीं है। उत्तरकाशी के विभिन्न उच्च हिमालयी इलाकों में करीब 136 ट्रैकर्स, पर्वतारोही और सपोर्ट स्टाफ मौजूद थे। इनमें 89 लोग हाई-अल्टीट्यूड एक्सपीडिशन से जुड़े थे, जबकि 18 लोग कालिंदी पास बेस कैंप और 29 लोग ऑडेन कोल बेस कैंप में थे। मौसम खराब होने के कारण इन इलाकों से लोगों को निकालना चुनौतीपूर्ण था। मौसम में सुधार के बाद प्रशासन ने हेलीकॉप्टर रेस्क्यू शुरू किया। कालिंदी पास क्षेत्र में भी बचाव अभियान जारी है। उत्तराखंड के अलग-अलग उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कुल 179 ट्रैकर्स, पर्वतारोहियों और सपोर्ट स्टाफ के फंसे होने की सूचना सामने आई थी। इनमें उत्तरकाशी के 136 और बागेश्वर जिले के 43 लोग शामिल थे। मौसम अनुकूल होने पर हेलीकॉप्टरों के जरिए रेस्क्यू अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे।
रेस्क्यू एजेंसियों के साथ जिला प्रशासन, SDRF, NDRF, पुलिस, वन विभाग और नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (NIM) की टीमें भी अभियान में सक्रिय हैं। प्रशासन ने ट्रैकिंग रूट और बेस कैंप में मौजूद लोगों के लिए राशन, पानी, भोजन और मेडिकल सुविधाओं की व्यवस्था पर भी जोर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली से ही आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर उत्तरकाशी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में चल रहे राहत एवं बचाव अभियान की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद ट्रैकर्स, पर्वतारोहियों और पोर्टरों को सुरक्षित निकालकर उनके घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू किए गए लोगों को चिकित्सा सहायता, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
बंद सड़कों को खोलने के निर्देश
बारिश और बर्फबारी से राज्य के कई हिस्सों में सड़कें भी प्रभावित हुई हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बंद मार्गों को जल्द खोलने और बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत तेजी से कराने के निर्देश दिए हैं। सरकार के मुताबिक राहत और बचाव अभियान में प्राथमिकता ऊंचाई वाले इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना है। मौसम की स्थिति को देखते हुए हेलीकॉप्टर रेस्क्यू आगे भी जारी रखा जाएगा। ऑडेन कोल से 29 ट्रैकर्स को सुरक्षित निकाल लिया गया है, लेकिन उच्च हिमालयी क्षेत्र में राहत अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। कालिंदी पास क्षेत्र में फंसे लोगों को निकालने के लिए हेली रेस्क्यू अभियान जारी है। प्रशासन मौसम की स्थिति और उपलब्ध हवाई खिड़की के अनुसार आगे की कार्रवाई कर रहा है।

