नई दिल्ली (Gaurav Dahiya IAS). लाखों भारतीय यूपीएससी परीक्षा पास करके आईएएस बनने का सपना देखते हैं. इसके लिए लोग दिन-रात एक कर देते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस अधिकारी ने AIIMS से MBBS करके यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 76वीं रैंक हासिल की हो, उसका करियर विवादों के भंवर में फंस सकता है? प्रशासनिक गलियारों से हाल ही में बेहद चौंकाने वाली खबर आई है. गुजरात कैडर के चर्चित आईएएस गौरव दहिया को सरकार ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है.
AIIMS से एमबीबीएस, यूपीएससी सीएसई में 76वीं रैंक
गुजरात कैडर में चमकाया करियर
दो शादियों का विवाद और निलंबन की दास्तान
आईएएस गौरव दहिया के करियर में सबसे बड़ा भूचाल तब आया, जब दिल्ली की एक महिला ने उन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए. महिला का दावा था कि आईएएस गौरव दहिया ने अपनी पहली पत्नी को बिना तलाक दिए, धोखे में रखकर वर्ष 2018 में उससे दूसरी शादी की थी. महिला के अनुसार, यह शादी 28 फरवरी 2018 को तिरुपति में संपन्न हुई थी और दोनों की एक बेटी भी है. इस मामले ने जब मीडिया और प्रशासनिक हल्कों में तूल पकड़ा तो सरकार ने इसकी जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया.
गौरव दहिया ने नकार दिए आरोप
जांच रिपोर्ट के आधार पर गुजरात सरकार ने अगस्त 2019 में गौरव दहिया को सस्पेंड कर दिया था. इस मामले में गौरव दहिया का पक्ष था कि उन्होंने दूसरी शादी नहीं की है. वह महिला के साथ रिलेशनशिप में थे और उन्हें हनी ट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल किया जा रहा है. लंबे समय तक सस्पेंड रहने के बाद 2023 में उन्हें बहाल कर गांधीनगर में पोस्टिंग मिली थी. अब राज्य और केंद्र सरकार ने प्रशासनिक अनुशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियानों के तहत उनका रिकॉर्ड खंगालते हुए उन्हें रिटायर कर दिया है.

