नई दिल्ली. इंडियन इंटेलिजेंस के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है. पाकिस्तान का एक और नापाक करतूत का पर्दाफाश किया है. भारतीय नौसेना के 31 साल के एक नाविक को शनिवार को कोयंबटूर में गिरफ्तार किया गया. उसके ऊपर आरोप है कि एक महिला पाकिस्तानी खुफिया एजेंट को संवेदनशील रक्षा संबंधी जानकारी लीक की है. महिला ने कथित तौर पर उसे हनीट्रैप में फंसाया था.
आंध्र प्रदेश पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस (CI) सेल ने यह गिरफ्तारी की है. पश्चिम बंगाल के रहने वाले प्रदीप मुखर्जी को कोयंबटूर के रेडफील्ड्स स्थित नौसेना के प्रमुख नेतृत्व प्रशिक्षण संस्थान INS अग्रणी में मैनेजमेंट डेवलपमेंट कोर्स के दौरान गिरफ्तार किया. प्रदीप को 12 साल पहले साल 2014 में भारतीय नौसेना में नाविक के रूप में नियुक्त किया गया था. वह विशाखापत्तनम स्थित ईस्टर्न नेवल कमांड के तहत नाविक के रूप में तैनात था. उनको एक सप्ताह पहले ही मैनेजमेंट डेवलपमेंट कोर्स में शामिल होने के लिए INS अग्रणी आने का मौका दिया गया था.
एक आधिकारिक सूत्र के मुताबिक प्रदीप कुछ महीने हनीट्रैप का शिकार हुए. सोशल मीडिया के जरिए एक महिला पाकिस्तानी एजेंट के बिछाए गए ऑनलाइन उनको फंसाया था. खबरों के मुताबक कथित हैंडलर ने पहले धीरे-धीरे नौसेना के जवान से दोस्ती बढ़ाई . इसके बाद रणनीतिक नौसैनिक संपत्तियों, बेड़े की गतिविधियों और विशाखापत्तनम नौसैनिक अड्डे से जुड़े ऑपरेशनल सेटअप से संबंधित संवेदनशील जानकारी हासिल की. आंध्र प्रदेश पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस (CI) सेल ने संदिग्ध डिजिटल गतिविधियों का पता चलने के बाद प्रदीप मुखर्जी पर निगरानी शुरू की थी. पुलिस काउंटर इंटेलिजेंस सेल आतंकी मॉड्यूल, सीमा पार जासूसी और उच्च सुरक्षा से जुड़े खतरों को निष्क्रिय करने पर केंद्रित एक विशेष शाखा है.
जो जांच की गई थी उसमें संवेदनशील जानकारी भेजने में उसकी भूमिका की पुष्टि हुई. इसके बाद अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार करने के लिए नौसेना से अनुमति ली. शनिवार सुबह CI की एक विशेष टीम INS अग्रणी, कोयंबटूर पहुंची और प्रदीप को हिरासत में ले लिया. स्थानीय पुलिस अधिकारियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तारी की जानकारी दी गई. इसके बाद जांचकर्ताओं ने नाविक को स्थानीय मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया. उसे ट्रांजिट वारंट हासिल किया. इसके बाद शाम को आगे की हिरासत में पूछताछ के लिए उसे विजयवाड़ा स्थित काउंटर इंटेलिजेंस मुख्यालय ले जाया गया.
जांच यह पता लगाने के लिए जारी है कि रक्षा संबंधी कितनी और किस प्रकार की फाइलें या जानकारियां लीक हुईं. इतनी ही नहीं इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि प्रदीप को हवाला के जरिए कोई आर्थिक लेन-देन किया गया था या नहीं. या डिजिटल भुगतान माध्यमों से कोई भुगतान तो नहीं किया गया.

