रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ जिला प्रशासन और नगर निगम ने कड़ा रुख अपनाया है। बोरियाखुर्द, न्यू संतोषी नगर और दुर्गा विहार क्षेत्र में कृषि भूमि पर बिना भवन परमिशन और कॉलोनाइजर लाइसेंस के बनाए गए 16 मकानों को बुधवार को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया गया। इस कार्रवाई में 10 एकड़ में हो रही अवैध प्लॉटिंग को भी रोका गया और जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
बिल्डरों की अवैध गतिविधियों पर प्रशासन की नजर
जानकारी के अनुसार, कुछ बिल्डरों ने कृषि भूमि पर चोरी-छिपे अवैध निर्माण कार्य शुरू कर मकान बेचने की योजना बनाई थी। इनमें वालफोर्ट ग्रुप के पंकज लाहोटी, महेश धनगर, योगेंद्र वर्मा और देवांगन जैसे बिल्डरों के नाम सामने आए हैं। प्रशासन को इसकी भनक लगते ही नगर निगम और तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई की। पंकज लाहोटी के 5 एकड़ के प्रोजेक्ट सहित 8 एकड़ में हो रही अवैध प्लॉटिंग को भी सील कर दिया गया।
कार्रवाई में भारी पुलिस बल तैनात
बुधवार को जिला प्रशासन, रायपुर नगर निगम और भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर कार्रवाई को अंजाम दिया गया। नगर निगम आयुक्त ने बताया कि ये निर्माण बिना अनुमोदन, बिना डायवर्शन और बिना कॉलोनाइजर लाइसेंस के किए जा रहे थे। मकान खरीदारों को गुमराह कर कृषि भूमि पर रिहायशी निर्माण बेचा जा रहा था, जो पूरी तरह अवैध है।
25 एकड़ से ज्यादा जमीन पर फैला था अवैध कॉलोनियों का जाल
नगर निगम के अनुसार, 25 एकड़ से अधिक कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनियों का जाल फैलाया गया था। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का ऐलान किया है। भविष्य में भी ऐसे अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
आम नागरिकों को प्रशासन की सलाह
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि प्रॉपर्टी खरीदने से पहले उसकी वैधता की पूरी जांच-पड़ताल करें। अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से न केवल आर्थिक नुकसान हो सकता है, बल्कि कानूनी पचड़े में भी फंसना पड़ सकता है। प्रशासन ने बिल्डरों और प्लॉटिंग माफिया को चेतावनी दी है कि शहर की प्लानिंग के खिलाफ किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बिल्डरों में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई से अवैध कॉलोनाइजरों और बिल्डरों में खलबली मच गई है। प्रशासन की सख्ती के बाद कई बिल्डर अब अपनी गतिविधियों को लेकर सतर्क हो गए हैं। रायपुर नगर निगम और जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शहर को अवैध निर्माणों से मुक्त रखने के लिए ऐसी कार्रवाइयां निरंतर जारी रहेंगी।