हरियाणा सरकार की खेलों को बढ़ावा देने की नीति के तहत अंबाला जिले के युवा खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। शहजादपुर विधानसभा क्षेत्र के बडागढ़ गांव में हॉकी एस्ट्रोटर्फ और चार लेन के सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक से लैस एक आधुनिक स्पोर्ट्स स्टेडियम के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट जिले के खेल इतिहास में एक अहम मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।
यह अंबाला जिले का पहला हॉकी एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड और सिंथेटिक ट्रैक होगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सीएम कप के दौरान इस स्टेडियम की घोषणा की थी, जिसके साथ ही खिलाड़ियों की करीब पांच साल पुरानी मांग पूरी हो गई है। लोक निर्माण विभाग ने इस परियोजना की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है और निर्माण कार्य के लिए शिव नरेश कंपनी को वर्क ऑर्डर जारी किया जा चुका है। अधिकारियों के अनुसार, लक्ष्य है कि दिसंबर 2026 तक स्टेडियम का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए।
अब तक अंबाला में एस्ट्रोटर्फ की सुविधा नहीं होने के कारण हॉकी खिलाड़ियों को घास या मिट्टी के मैदानों पर अभ्यास करना पड़ता था। जबकि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुकाबले केवल एस्ट्रोटर्फ पर ही खेले जाते हैं। इस वजह से जिले के कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के लिए कुरुक्षेत्र, शाहाबाद और अन्य शहरों का रुख करना पड़ता था। बडागढ़ में विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होने के बाद स्थानीय खिलाड़ियों को अपने ही जिले में उच्च स्तरीय ट्रेनिंग का अवसर मिलेगा।
चार लेन का सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक खासतौर पर धावकों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। नारायणगढ़, शहजादपुर और आसपास के सैकड़ों गांवों के युवा अब अपने घर के नजदीक आधुनिक खेल सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इससे आने वाले समय में अंबाला से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीट निकलने की संभावनाएं काफी बढ़ जाएंगी।
यह प्रोजेक्ट हरियाणा सरकार की खेल नीति का अहम हिस्सा है, जिसके तहत राज्यभर में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पहले ही बडागढ़ में इस परियोजना का शिलान्यास कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि इस तरह की उच्च स्तरीय सुविधाएं खिलाड़ियों को ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने में मदद करेंगी और हरियाणा की खेल पहचान को और मजबूत करेंगी।
इस आधुनिक स्पोर्ट्स स्टेडियम के निर्माण से न केवल खिलाड़ियों को फायदा होगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के विकास को भी गति मिलेगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस परियोजना के शुरू होने से इलाके में जमीन की कीमतों में भी तेजी आ सकती है और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। कुल मिलाकर यह पहल जमीनी स्तर पर खेलों को मजबूती देने के साथ-साथ अंबाला जिले के विकास में भी अहम भूमिका निभाने वाली है।

