मूडीज ने भारतीय जीडीपी की विकास दर 6.4 बताई तो गोल्डमैन सैक्स ने इसे 6.9 बताया
Business News Hindi (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : पूरे विश्व में इस समय भारत की व्यापार नीति और इसकी अर्थव्यवस्था के विकास का डंका बज रहा है। 2025 में जहां पूरा विश्व बदलते व्यापारिक परिवेश और अमेरिकी टैरिफ के दबाव से जूझ रहा था उस समय भारतीय सरकार ने अपनी नीति को बदलते हुए न केवल घरेलू बाजार के लिए विशेष रियायतें जारी की बल्कि विश्व में नए बाजार भी तेजी से तलाश किए। जिसका असर यह हुआ कि भारतीय अर्थव्यवस्था विकास के मार्ग पर निरंतर चलती रही। अब जबकि अमेरिका ने टैरिफ दरें 50 से घटाकर 18 प्रतिशत कर दी हैं तो इस सबके बीच भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास तेजी से होना जाहिर है।
इसलिए गोल्डमैन सैक्स ने सकारात्मक रुख अपनाया
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील के एलान के बाद भारत की आर्थिक संभावनाओं को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया है। फर्म ने कैलेंडर ईयर 2026 के लिए भारत की वास्तविक जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 20 आधार अंक बढ़ाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया है। बाहरी क्षेत्र पर भी तस्वीर सुधरी है। फर्म ने भारत के चालू खाता घाटा के अनुमान को करीब 0.25 प्रतिशत जीडीपी घटाकर कैलेंडर वर्ष 2026 में 0.8 प्रतिशत कर दिया है। यह संशोधन अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा भारतीय निर्यात पर टैरिफ कम करने के एलान के बाद किया गया है।
भारतीय मुद्रा पर दबाव होगा कम
गोल्डमैन सैक्स ने कहा कि ट्रेड डील के बाद भारतीय रुपये पर दबाव घटा है और बीते एक हफ्ते में रुपया उभरते बाजारों की सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली मुद्रा रहा। हालांकि, ब्रोकरेज का मानना है कि मौजूदा स्तर से रुपये में ज्यादा मजबूती की गुंजाइश सीमित है, क्योंकि संभावित पोर्टफोलियो इनफ्लो को आरबीआई द्वारा फॉरेक्स रिजर्व बढ़ाने और शॉर्ट फॉरवर्ड पोजिशन के अनवाइंड से संतुलित किया जा सकता है। ब्याज दरों को लेकर फर्म ने अपना रुख बरकरार रखा है। गोल्डमैन सैक्स को उम्मीद है कि भारतीय रिजर्व बैंक कैलेंडर ईयर 2026 में ब्याज दरों में 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखेगा। ब्रोकरेज का कहना है कि बेहतर बाहरी परिस्थितियों के चलते ग्रोथ से जुड़े डाउनसाइड जोखिम कम हुए हैं और रेट कट चक्र खत्म हो चुका है।
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