सप्ताह के पांच में से चार दिन लाल निशान पर बंद हुआ बाजार
Share Market News (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों का विश्वास लगातार दूसरे सप्ताह भी कमजोर बना रहा। हालांकि स्विटरलैंड में जारी डब्ल्यूईएफ की सालाना बैठक में दुनियाभर की कंपनियों ने भारत में निवेश के प्रति उत्साह व विश्वास जाहिर किया। वहीं अमेरिकी राष्टÑपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते के स्पष्ट संकेत दिए लेकिन बावजूद इसके शेयर बाजार में बिकवाली का दौर जारी रहा। जिसके चलते शेयर बाजार शुक्रवार को सप्ताह के अंतिम कारोबारी सत्र में भी गिरावट के साथ बंद हुआ। यह लगातार दूसरा सप्ताह था जब पूरे सप्ताह मात्र एक दिन ही शेयर बाजार में बढ़त दर्ज की गई।
इस तरह रहा सेंसेक्स और निफ्टी का हाल
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को भारतीय बाजार लाल निशान पर बंद हुआ। बेंचमार्क सूचकांक और निफ्टी में करीब एक प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 769.67 अंक या 0.94 प्रतिशत गिरकर 81,537.70 पर बंद हुआ। दिन के दौरान, सूचकांक 835.55 अंक या 1.01 प्रतिशत गिरकर 81,471.82 के अंतरादिवसीय निचले स्तर पर पहुंच गया। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 241.25 अंक या 0.95 प्रतिशत गिरकर 25,048.65 पर बंद हुआ। इंट्राडे सत्र में यह 264.6 अंक या 1.04 प्रतिशत गिरकर 25,025.30 के निचले स्तर पर पहुंच गया था।
दिग्गज शेयरों में कमजोरी बना गिरावट का कारण
सेंसेक्स के कई दिग्गज शेयरों में कमजोरी देखने को मिली, जिसने बाजार को नीचे खींच लिया। दोपहर के कारोबार में एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड, इंडिगो और इटरनल जैसे बड़े शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। इन शेयरों में करीब 2% से लेकर 6% से अधिक तक का नुकसान हुआ, जिससे बाजार की धारणा कमजोर हुई। अदाणी समूह के शेयरों में 13 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली।
इसके अलावा विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बनाया। जनवरी महीने में लगातार 13वें कारोबारी सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय शेयर बाजार में नेट सेलर रहे, जिससे बाजार की चाल कमजोर बनी रही। गिरावट का असर किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं रहा। आॅटो, मीडिया, फाइनेंशियल, रियल्टी और आॅयल एंड गैस जैसे कई सेक्टरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला। खासकर रियल्टी सेक्टर में 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जिसने बाजार की कमजोरी को और बढ़ाया।
ये भी पढ़ें : Business News Hindi : भारत की टेक और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता पर दुनिया का भरोसा : वैष्णव

