हरियाणा सरकार ने प्रदेश के सात शहरों में स्थित 23 अवैध कॉलोनियों को नियमित करने का अहम निर्णय लिया है। सरकार के इस फैसले से लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में रह रहे हजारों लोगों को बड़ी राहत मिली है। कॉलोनियों के नियमित होने के बाद अब इन क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल और सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास का रास्ता साफ हो गया है।
सरकार की ओर से जारी आदेशों के अनुसार, अंबाला सदर नगर परिषद क्षेत्र की महाराणा प्रताप कॉलोनी और सोनिया कॉलोनी एक्सटेंशन को नियमित किया गया है। वहीं करनाल नगर निगम क्षेत्र की गुरु नानक कॉलोनी (हेरिटेज लॉन के पास), किसान पब्लिक स्कूल कॉलोनी-बलजीत एन्क्लेव, निर्मल विहार कॉलोनी और आरके पुरम एक्सटेंशन भी अब नियमित कॉलोनियों की श्रेणी में आ गई हैं।
इसी तरह नगर परिषद पलवल की कॉलोनी आईडी नंबर-295 और नगर परिषद झज्जर क्षेत्र की लालचंद प्रिया बेरी गेट तथा कंवर कॉलोनी को भी सरकार ने नियमित कर दिया है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को लंबे समय से कानूनी मान्यता और विकास कार्यों का इंतजार था, जो अब खत्म हो गया है।
इसके अलावा नगर परिषद नारनौल क्षेत्र की सबसे अधिक कॉलोनियों को नियमित किया गया है। इनमें दीवान कॉलोनी, नीलकंठ कॉलोनी, आरके पुरम कॉलोनी, गणेश कॉलोनी, रामनगर कॉलोनी, हीरानगर, एनबीसीसी कॉलोनी, सरस्वती कॉलोनी, इंप्लाई कॉलोनी एक्सटेंशन, दया नगर कॉलोनी एक्सटेंशन, अमृत धारा कॉलोनी, रामकरण दास एक्सटेंशन कॉलोनी और रघुनाथ नगर शामिल हैं। इन कॉलोनियों के नियमित होने से नारनौल शहर में शहरी विकास को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, कॉलोनियों के नियमित होने के बाद अब संबंधित नगर निकायों द्वारा यहां विकास कार्यों की योजना बनाई जाएगी। सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइट, पेयजल आपूर्ति और सीवरेज नेटवर्क जैसी सुविधाओं पर प्राथमिकता से काम किया जाएगा। इससे न केवल नागरिक सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि संपत्तियों के कानूनी मूल्य में भी इजाफा होगा।
प्रदेश सरकार के इस कदम को शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे समय से अवैध कॉलोनियों में रह रहे लोगों के लिए यह फैसला न केवल राहत भरा है, बल्कि उन्हें मुख्यधारा की नागरिक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।


