कहा, सरकार का लक्ष्य है कि 2033 तक देश के प्रत्येक नागरिक को बीमा कवर मिले
Budget Session Live (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : वर्तमान बजट सत्र के दौरान देश की वित्त मंत्री ने मंगलवार को दो अहम घोषणाएं देश के आम आदमी को ध्यान में रखकर की। इनमें से एक योजना वर्तमान के साथ जुड़ी हुई थी जबकि दूसरी योजना सरकार की वह महत्वाकांशी योजना है जिसे वह 2033 तक पूरा करना चाहती है और उस योजना का लाभ देश के हर नागरिक को देना चाहती है। मंगलवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल में चर्चा में भाग लेते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वर्तमान में सरकार का उद्देश्य अशांत समय में भी रसोई गैस की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
इसके लिए जहां बाहर से गैस मंगवाई जा रही है वहीं रिफाइनरियों ने अपना उत्पादन बढ़ा दिया है, इससे आपूर्ति में 25% की वृद्धि होगी। वहीं उन्होंने सरकार की दूसरी भविष्य की योजना के बारे में बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार के लिए स्वास्थ्य बीमा एक प्रमुख प्राथमिकता है। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2033 तक देश के सभी नागरिकों को बीमा कवर के दायरे में लाया जाए। मंगलवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह महत्वपूर्ण जानकारी दी।
भारतीय बीमा क्षेत्र का तेजी से विस्तार हो रहा
वित्त मंत्री ने साफ किया कि भारतीय बीमा क्षेत्र का तेजी से विस्तार हो रहा है। यह एक मजबूत और समावेशी इकोसिस्टम के रूप में उभर रहा है, जहां सरकार की नीतियों के कारण समाज के सबसे निचले तबके को भी सुरक्षा कवच मिल रहा है। आंकड़े साझा करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य बीमा बाजार अब काफी बड़े स्तर पर पहुंच गया है। वित्त वर्ष 2024-25 में इस सेक्टर का आकार 1,17,505 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जिसके तहत देश के 58 करोड़ लोगों को कवर किया गया है।
वित्त की ओर से साझा किए गए आंकड़ों में बताया गया है कि इस बाजार में सभी वर्गों की संतुलित भागीदारी है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने 42,420 करोड़ रुपये का प्रीमियम जुटाया है। निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी 37,752 करोड़ रुपये है। स्टैंडअलोन स्वास्थ्य बीमा कंपनियों का योगदान 37,331 करोड़ रुपये है।
वित्त मंत्री ने दिया आंकड़ों का हवाला
लिखित जवाब में इरडा के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में 2.51 करोड़ व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियां जारी हुईं, जिनसे 6.01 करोड़ लोगों को कवर मिला। इसके अतिरिक्त, 13.05 लाख ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियों के जरिए 27.51 करोड़ सदस्य कवर किए गए हैं। देश में बीमा क्षेत्र के कम कवरेज को स्वीकार करते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि वैश्विक स्तर पर औसत प्रति व्यक्ति प्रीमियम 943 डॉलर है, जबकि भारत में यह केवल 97 डॉलर है। इस अंतर को पाटने के लिए सरकार कई लक्षित सुधार कर रही है।
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