कहा, आने वाले चार साल में यूरोपीय बैंकों की 15 शाखाएं खुलेंगी, आपसी व्यापार में होगी आसानी
Business News (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जर्मनी के म्यूनिख में एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि यूरोपीय संघ के बैंक भारत में कारोबार कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले चार वर्षों में यूरोपीय बैंक भारत में 15 शाखाएं खोल सकेंगे। उन्होंने व्यापार को आसान बनाने में यूरोपीय केंद्रीय बैंक की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। वित्त मंत्री ने लिक्विडिटी एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी की प्रमुख वेरा सोंगवे से भी मुलाकात की।
बातचीत में बदलते वैश्विक माहौल के बीच उभरती अर्थव्यवस्थाओं की वित्तीय चुनौतियों और पूंजी बाजार की स्थिति पर चर्चा हुई। सीतारमण ने लिकटेंस्टाइन की प्रधानमंत्री ब्रिगिट हास से भी मुलाकात की। इस दौरान भारत में विनिर्माण, पर्यावरण अनुकूल तकनीक, कृषि उपकरण और जलवायु परिवर्तन से जुड़े क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने पर सहमति बनी। वित्त मंत्री के इसके अतिरिक्त भी कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात की। इनमें यूरोपीय केंद्रीय बैंक की अध्यक्ष क्रिस्टीन लैगार्ड से भेंट कर पिछले माह अंतिम रूप दिए गए भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने समझौते को ऐतिहासिक कदम बताया।
यूरोपीय नेताओं को निवेश के अवसरों की जानकारी दी
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपनी यात्रा के दौरान प्रमुख अंतरराष्ट्रीय नेताओं से राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष व अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण के माध्यम से निवेश के अवसरों की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने जर्मनी के उप-चांसलर और वित्त मंत्री लार्स क्लिंगबेल से मुलाकात में रक्षा, व्यापार और तकनीक में बढ़ते सहयोग पर चर्चा हुई। सीतारमण ने भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली की सफलता का जिक्र करते हुए अनुभव साझा करने की इच्छा जताई।
भारत-जर्मनी के आपसी संबंध होंगे मजबूत
म्यूनिख सम्मेलन के दूसरे दिन विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जर्मनी की सीडीयू, सीएसयू संसदीय समूह के नेता जेन्स श्पान से भी भेंट की और भारत-जर्मनी संबंधों को गहरा करने में उनके समर्थन की सराहना की। रोमानिया की विदेश मंत्री ओआना-सिल्विया तोइउ के साथ बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग की संभावनाओं की समीक्षा की।
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