कहा, मेक इन इंडिया और रोजगार के लिए वरदान साबित होगा भारत-अमेरिका व्यापार समझौता
Business News (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयासरत्त है। इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों में से एक है देश की अर्थव्यवस्था की विकास दर लंबे समय तक ऊंचा बनाए रखना। यह कहना है देश के गृह मंत्री अमित शाह को जो बीते दिन भारत और अमेरिका के बीच होने जा रहे द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर अपनी राय दे रहे थे।
इस दौरान गृह मंत्री ने इस समझौते को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को हकीकत में बदलने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि यह अंतरिम समझौता भारत के विकास इंजन को नई गति देगा। शाह के मुताबिक, यह डील ‘मेक इन इंडिया’, मेहनती किसानों, उद्यमियों, स्टार्टअप इनोवेटर्स और मछुआरों के लिए एक बूम साबित होगी, साथ ही युवाओं और महिलाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेगी।
भारत ने बदली व्यापार नीति
अमित शाह ने कहा कि भारत सरकार ने अपनी व्यापार नीति में तेजी से बदलाव किया है। हम हमारी कोशिश विश्व के ज्यादा से ज्यादा बाजारों तक अपनी पहुंच बनाने की है। इसी प्रयास के चलते पिछले कुछ माह में हमने कई व्यापार समझौते किए हैं। इनमें से यूरोपीय संघ, ओमान और न्यूजीलैंड के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते अहम हैं। जल्द ही ऐसे ही समझौते खाड़ी देशों के साथ किए जाएंगे ताकि हमारे उद्यमियों को ज्यादा से ज्यादा बाजार मिल सकें।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच होने जा रहे द्विपक्षीय व्यापार समझौते के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा और तेजी मिलेगी। वहीं गृह मंत्री ने विपक्ष को इस समझौते पर देश की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह समझौता किसी दबाव में आकर नहीं किया गया। जैसा कि विपक्ष कह रहा है यदि केंद्र सरकार अमेरिका के दबाव में यह समझौता करती तो दरअसल यह समझौता पिछले साल ही हो जाता लेकिन हम अपने रुख पर कायम रहे और अमेरिका के साथ समझौता विस्तृत विचार-विमर्श के बाद ही करने जा रहे हैं।
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