DRDO 68th Foundation Day, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) का आज 68वां स्थापना दिवस है और इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वैज्ञानिकों के साथ ही डीआरडीओ कर्मियों को भी बधाई दी है। तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के प्रशासन के तहत 1958 में डीआरडीओ की स्थापना की गई थी और इस वर्ष इसके 67 वर्ष कंपलीट हो गए हैं।
इस मकसद से की गई थी संगठन की स्थापना
भारत को विशेषतौर पर रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के मकसद से डीआरडीओ की स्थापना की गई थी। साथ ही देश को मजबूत बनाना और विज्ञान व टेक्नोलॉजी में भारत को आत्मनिर्भर बनाना भी इसका मकसद है। राजनाथ ने एक्स पर एक पोस्ट में डीआरडीओ के वैज्ञानिकों और कर्मचारियों की प्रतिबद्धता व उत्कृष्टता की भी सराहाना की। साथ ही उन्होंने रक्षा तैयारियों को सशक्त करने व आत्मनिर्भर भारत को आगे बढ़ाने में डीओरडीओ के योगदान पर जोर दिया।
अटूट प्रतिबद्धता व उत्कृष्टता की तारीफ
रक्षा मंत्री ने डीआरडीओ कर्मियों व कर्मचारियों की राष्ट्र के प्रति गहरी भावना की तारीफ करते हुए कहा, डीआरडीओ दिवस पर डीआरडीओ के सभी कर्मचारियों, वैज्ञानिकों व उनके परिवारों को मेरी ओर से दिल से बधाई। उन्होंने कहा, वैज्ञानिकों व कर्मियों की अटूट प्रतिबद्धता व उत्कृष्टता और राष्ट्रीय कर्तव्य की भावना भारत की रक्षा तैयारियों को मजबूत करने तथा रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत को आगे बढ़ाने के लिए बहुत अहम है।
देश का सबसे बड़ा और सबसे विविध अनुसंधान संगठन
रक्षा के क्षेत्र में डीआरडीओ देश का सबसे बड़ा और सबसे विविध अनुसंधान संगठन है। स्वदेशी भविष्य के लिए तैयार टेक्नोलॉजी विकसित कर हमारे सशस्त्र बलों के आत्मविश्वास व हमारी रणनीतिक स्वायत्तता को मजबूत कर रहा है। डीआरडीओ में डीआरडीएस के करीब 5000 वैज्ञानिक हैं। इसके अलावा लगभग 25 हजार बाकी अधीनस्थ वैज्ञानिक, तकनीकी तथा सहायक कर्मी भी हैं, जो देश की रक्षा क्षमता व तकनीकी आत्मनिर्भरता को मिलकर मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाते हैं।
डीआरडीओ का 52 प्रयोगशालाओं का बड़ा नेटवर्क
डीआरडीओ का 52 प्रयोगशालाओं का बड़ा नेटवर्क है। यह संगठन हथियार, एयरोनॉटिक्स, भूमि युद्ध इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, भूमि युद्ध इंजीनियरिंग, सामग्री, मिसाइल, जीवन विज्ञान और नौसेना प्रणालियों सहित महत्वपूर्ण क्षेत्रों की एक विस्तृत श्रृंखला में रक्षा प्रौद्योगिकियों का विकास कर रहा है। सेना प्रमुख (सीओएएस) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भी इस मौके पवर सभी डीआरडीओ कर्मचारियों व उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। बता दें कि डीआरडीओ ने बीते वर्ष यानी 2025 में कई उपलब्धियां प्राप्त की हैं। इनमें ताजा बुुधवार सुबह ओडिशा तट से किया गया दो ‘प्रलय’ मिसाइलों का एक साथ सफल प्रक्षेपण शामिल है। यह प्रक्षेपण एक एक ही लॉन्चर से किया गया।
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