मरने के बाद देहदान का भी किया फैसला, मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने दान की सराहना की।
Himachal News, (द भारत ख़बर), शिमला: हिमाचल प्रदेश एक बुजुर्ग डॉक्टर ने करीब 80 करोड़ रुपये की संपत्ति दान कर कर दी है। साल 2021 में डॉ. कंवर ने अपनी तमाम चल-अचल संपत्ति सरकार के नाम वसीयत की थी, जबकि अब 5 अगस्त 2026 को उन्होंने अपने जीवनकाल में ही स्वेच्छा और होशोहवास में गिफ्ट डीड कर संपत्ति सरकार के हवाले कर दी।
गिफ्ट डीड के बाद संबंधित भूमि का इंतकाल भी प्रदेश सरकार यानी डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के नाम दर्ज हो चुका है। डॉ. कंवर ने मृत्यु के बाद अपनी देह प्रशिक्षु डॉक्टरों के अध्ययन के लिए दान करने का भी निर्णय लिया है और इसके लिए मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग को लिखित सहमति देने के साथ पहचान पत्र भी प्राप्त किया है।
दो मंजिला मकान वृद्ध आश्रम के लिए दिया
नादौन के जोलसप्पड़ निवासी रिटायर्ड सीनियर मेडिकल आॅफिसर डॉ. राजेंद्र कंवर ने माता-पिता सहित पत्नी की आखिरी इच्छा पूरी की है। उन्होंने अपना दो मंजिला मकान वृद्ध आश्रम के लिए प्रयोग में लाए जाने की इच्छा जताई। इसका नाम कृष्णा-राजेंद्र ओल्ड एज होम रखा जाए। उन्होंने इच्छा जताई है कि उनकी संपत्ति सीनियर सिटीजन व दुखी और गरीब लोगों की सहायता में लाई जाए।
प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत्त हुई थीं पत्नी
डॉ. कंवर की धर्मपत्नी कृष्णा कंवर शिक्षा विभाग में करीब 32 वर्षों तक सेवाएं देने के बाद वर्ष 2011 में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बड़ा से प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत्त हुई थीं। उनका 6 दिसंबर 2020 को निधन हो गया था। उनके निधन से पहले ही दंपति ने अपनी संपत्ति समाज को समर्पित करने का निर्णय ले लिया था।
कांगू वाले डॉक्टर के नाम से प्रसिद्ध हैं राजेंद्र कंवर
डॉ. राजेंद्र कंवर स्वास्थ्य विभाग में 3 जनवरी 1977 को मेडिकल आॅफिसर के रूप में नियुक्त हुए थे और करीब 33 वर्ष तक सरकारी सेवा देने के बाद वर्ष 2010 में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कांगू से वरिष्ठ चिकित्सक के पद से सेवानिवृत्त हुए। क्षेत्र में वह कांगू वाले डॉक्टर के नाम से प्रसिद्ध हैं और 77 वर्ष की उम्र में भी अपने घर पर बेहद कम शुल्क में मरीजों का उपचार कर रहे हैं।
नहीं है कोई संतान
डॉ. राजेंद्र कंवर ने बताया कि उन्होंने और उनकी धर्मपत्नी ने जीवनकाल में ही अपनी संपत्ति समाज के हित में देने का निर्णय लिया था। उनकी कोई संतान नहीं है। गिफ्ट डीड में दो मंजिला बंगले सहित करीब पांच कनाल पांच मरला जमीन, करोड़ों रुपए के आभूषण, कार, फर्नीचर तथा बैंक में जमा धनराशि समेत अन्य संपत्तियां शामिल हैं।
सीएम बोले- डॉ. कंवर ने त्याग और जनसेवा की अनुकरणीय मिसाल पेश की
डॉ. कंवर के इस कदम की हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने भी तारीफ की है। सीएम सुक्खू ने कहा कि उनके गृह जिला हमीरपुर के जोलसप्पड़ निवासी वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजेंद्र कंवर ने अपनी और दिवंगत पत्नी कृष्णा कंवर की 80 करोड़ रुपए से अधिक की चल-अचल संपत्ति प्रदेश सरकार को समर्पित कर त्याग और जनसेवा की अनुकरणीय मिसाल पेश की है। जीवनभर की कमाई को समाज के नाम कर देना अपने जीवन के श्रम को लोककल्याण के लिए अर्पित करने का भाव है। डॉ. कंवर के इस महान संकल्प के लिए हृदय से आभार है।
डॉ. कंवर दंपति जैसे दानी और समाज के प्रति समर्पित लोग बहुत कम होते हैं
नादौन के एसडीएम निशांत शर्मा ने गिफ्ट डीड की पुष्टि करते हुए कहा कि डॉ. कंवर दंपति जैसे दानी और समाज के प्रति समर्पित लोग बहुत कम होते हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. राजेंद्र कंवर ने मोह-माया से ऊपर उठकर अपनी संपत्ति सरकार को देकर बड़ी दरियादिली दिखाई है।
उनका यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। एसडीएम ने बताया कि गिफ्ट डीड के बाद संबंधित लैंड प्रॉपर्टी का इंतकाल भी प्रदेश सरकार यानी डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के नाम दर्ज हो चुका है। अब राजस्व रिकॉर्ड में भी सरकार इस संपत्ति की मालिक बन चुकी है।
ये भी पढ़ें: अब सड़क पर खुले नहीं दौड़ेंगे डंपर और टिपर

