हरियाणा के गुरुग्राम में पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जो खुद को सब-इंस्पेक्टर बताकर पुलिस की वर्दी पहनकर घूम रहा था। आरोपी का मकसद फ्री में होटलों में ठहरना, टोल टैक्स से बचना और लोगों पर रौब झाड़ना था। पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी राजस्थान के खाटूश्यामजी में किराए पर ई-रिक्शा चलाता है और उसी कमाई से उसने पुलिस की नकली पहचान तैयार की थी।
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान झज्जर जिले के कसानी गांव निवासी 34 वर्षीय मुकेश कुमार के रूप में हुई है। उसके पास से पुलिस ने आधार कार्ड, पैन कार्ड, एक फर्जी स्पेशल पुलिस ऑफिसर (SPO) का आईकार्ड और सब-इंस्पेक्टर की वर्दी बरामद की है। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने 2200 रुपये में दिल्ली से पुलिस की वर्दी सिलवाई थी, जबकि 500 रुपये में फर्जी पुलिस आईकार्ड बनवाया था।
सिविल लाइन थाने के एसएचओ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि 17 जनवरी को होटल शुभम के मैनेजर ने पुलिस को सूचना दी थी कि एक व्यक्ति सब-इंस्पेक्टर की वर्दी पहनकर होटल में ठहरा हुआ है और उसका व्यवहार संदिग्ध लग रहा है। आरोपी ने होटल में कमरा लेने के दौरान पहचान के तौर पर आधार कार्ड दिखाया, लेकिन कुछ समय बाद वह रिसेप्शन पर आकर कमरे को लेकर बेवजह सवाल करने लगा, जिससे होटल स्टाफ को शक हुआ।
जब होटल मैनेजर ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो वह घबरा गया और भागने की कोशिश करने लगा। होटल स्टाफ ने उसे पकड़ लिया और पुलिस को बुलाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो उसकी सच्चाई सामने आ गई। आरोपी ने कबूल किया कि वह कोई पुलिस अधिकारी नहीं है और सिर्फ शौक व फायदे के लिए वर्दी पहनकर घूम रहा था।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मुकेश कुमार राजस्थान के खाटूश्यामजी में ई-रिक्शा चलाता है और रोजाना 500 से 700 रुपये की कमाई करता है। कम आय और ज्यादा खर्च के चलते वह अक्सर परेशान रहता था। झज्जर से खाटूश्यामजी के बीच आने-जाने में उसे बार-बार टोल टैक्स देना पड़ता था। एक बार उसने पुलिसकर्मियों को बिना टोल दिए निकलते देखा, जिसके बाद उसके दिमाग में खुद पुलिसवाला बनने का आइडिया आया।
इसके बाद उसने झज्जर के ही एक व्यक्ति से 500 रुपये में फर्जी SPO आईडी बनवाई और दिल्ली के झाड़ौदा कलां से 2200 रुपये में सब-इंस्पेक्टर की वर्दी सिलवाई। आरोपी इसी वर्दी का इस्तेमाल सफर के दौरान करता था, ताकि टोल टैक्स से बच सके और जहां-तहां रौब झाड़ सके। गुरुग्राम में होटल में ठहरने के दौरान उसकी चालाकी काम नहीं आई और वह पकड़ा गया।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और यह भी जांच की जा रही है कि उसने अब तक कितने लोगों को पुलिस बनकर गुमराह किया और कहीं किसी और वारदात में तो शामिल नहीं रहा।


