हरियाणा सरकार ने राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए एक अहम निर्देश जारी किया है, जिसके तहत वर्ष 2025–2026 का वार्षिक संपत्ति विवरण (Annual Property Return) 22 मई 2026 से पहले दाखिल करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस आदेश के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है और कर्मचारियों को समय रहते अपनी जानकारी अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह निर्देश मुख्य सचिव Anurag Rastogi की ओर से जारी किए गए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि Haryana Civil Services (Conduct) Rules, 2016 Rule 24 के तहत प्रत्येक सरकारी कर्मचारी को हर वित्त वर्ष के अंत में अपनी चल-अचल संपत्ति का पूरा विवरण देना अनिवार्य है। यह नियम पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है।
सरकार ने सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे न केवल चालू वर्ष का बल्कि यदि किसी कारणवश पूर्व वर्षों का विवरण लंबित है, तो उसे भी तय समय सीमा के भीतर जमा करें। इसके लिए राज्य सरकार के आधिकारिक पोर्टल intrahry.gov.in पर ऑनलाइन प्रक्रिया निर्धारित की गई है, जहां कर्मचारी अपना विवरण आसानी से अपलोड कर सकते हैं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस बार सरकार इस प्रक्रिया को लेकर विशेष रूप से सख्त रुख अपनाए हुए है। समय सीमा के भीतर विवरण दाखिल नहीं करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है। यही कारण है कि सभी कर्मचारियों को इस निर्देश को गंभीरता से लेने और समय रहते अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
इस कदम को सरकार की पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे न केवल कर्मचारियों की संपत्ति का स्पष्ट रिकॉर्ड तैयार होगा, बल्कि भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता पर भी नजर रखना आसान हो जाएगा।

