West Bengal News, (द भारत ख़बर), कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मालदा में मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े विरोध प्रदर्शन का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। केस सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है और शीर्ष अदालत ने गुरुवार को ममता सरकार को लताड़ लगाई। इसके बाद जांच के आदेश दिए गए।
सीईओ बंगाल के कार्यालय के बाहर हुआ था प्रदर्शन
31 मार्च और 1 अप्रैल को सीईओ बंगाल के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन हुआ था और इस मामले में कोलकाता पुलिस ने टीएमसी के 2 स्थानीय पार्षदों सचिन सिंह और शांति रंजन कुंडू समेत 6 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। उत्तरी बंगाल के आईजी के अनुसार मामले में अब तक 18 गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं और अभी अन्य संदिग्धों की तलाश के िलए छापेमारी जारी है।
एफआईआर में आरोप
एफआईआर में आरोप है कि 31 और 1 मार्च की दरिम्यानी रात को आरोपी कुछ लोगों के साथ मिलकर, हरे स्ट्रीट व स्ट्रैंड रोड चौराहे पर, विशेष कर शिपिंग कॉपोर्रेशन बिल्डिंग स्थित पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग के कार्यालय के समक्ष अवैध तौर पर एकत्रित हुए। पुलिस ने कई बार भीड़ से वहां से जाने का आग्रह किया, लेकिन लोग पुलिस की बात नहीं मानें और उन्होंने जमावड़ा बनाए रखने के साथ ही अपनी गैर-कानूनी एक्टिविटीज जारी रखीं। भीड़ में शामिल लोगों ने सरकारी कर्मियों को अपना कानूनी कार्य करने से भी रोका।
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